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महापौर के लिए ‘ उपलब्धियों भरा रहा वर्ष’

2025 में इंदौर ने डिजिटल, सोलर, पर्यावरण के क्षेत्र सहित सड़क सीवरेज में सुधार सहित कई जनहितैषी उपलब्धियां हासिल की... खुलासा फर्स्ट, इंदौर । महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा किए गए कई नवाचारों से शहर क

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 8:08 पूर्वाह्न
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महापौर के लिए ‘ उपलब्धियों भरा रहा वर्ष’

2025 में इंदौर ने डिजिटल, सोलर, पर्यावरण के क्षेत्र सहित सड़क

सीवरेज में सुधार सहित कई जनहितैषी उपलब्धियां हासिल की...

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव द्वारा किए गए कई नवाचारों से शहर का नाम देशभर में सुर्खियों में है। महापौर के अथक प्रयासों से ही इंदौर स्वच्छता के साथ डिजिटल, सोलर और पर्यावरण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। महापौर के प्रयासों से वर्ष 2025 उनके कार्यकाल का स्वर्णिम साल रहा है।

इस वर्ष सोलर प्लांट की शुरुआत होने के साथ-साथ मास्टर प्लान की सड़कें, निगम का डिजिटलाइजेशन, स्वस्थ इंदौर के लिए किए गए प्रयास सफल रहे हैं। इस तरह महापौर के लिए यह साल उपलब्धियों भरा रहा है। महापौर की ख्याति वन नेशन, वन चुनाव में शामिल होने से केंद्रीय नेताओं तक पहुंची है। उनकी दूरदर्शी सोच और शहर हित में लिए गए निर्णय उनकी अमिट पहचान बन गए हैं।

नर्मदा चौराहा: नगर निगम द्वारा महापौर के निर्देशन में विकसित नर्मदा चौराहा नागरिकों को सौंदर्य और आनंद की अनुभूति करा रहा है। मध्यप्रदेश में यह एकमात्र पूर्णत: सौंदर्यीकृत चौराहा है। यहां मां नर्मदा की मगरमच्छ पर विराजित आठ फीट ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा है।

चौराहे के आईलैंड पर महेश्वर किले और जबलपुर के भेड़ाघाट की प्रतिकृति, साथ ही शंखाकार फाउंटेन, मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक से लेकर खंड़ात की खाड़ी तक के गौरवशाली इतिहास को परिलक्षित करते हैं। दो चरणों में विकसित इस व्यस्ततम चौराहे पर यातायात व्यवस्था भी अत्यंत सुदृढ़ बनाई गई है।

डिजिटल सेवाएं: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने नगर निगम में डिजिटलाइजेशन को नई दिशा दी। नागरिक अब घर बैठे संपत्ति कर, जल कर और कचरा प्रबंधन शुल्क जैसी जानकारी निगम के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकते हैं और कर का भुगतान सरल, पारदर्शी और सहज तरीके से कर सकते हैं। इंदौर देश का पहला शहर बना है जहां डिजिटल एड्रेस सुविधा उपलब्ध कराई गई। 90 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन कर निगम प्रशासन को पारदर्शी और आधुनिक बनाया गया है।

क्लाइमेट मिशन ऊर्जा संरक्षण: इंदौर ने ऊर्जा संरक्षण में नई मिसाल कायम की। 100 दिनी इंदौर क्लाइमेट मिशन की शुरुआत जनसहभागिता के माध्यम से हुई, जिसमें छह प्रमुख शैक्षणिक संस्थाएं और करीब 65 हजार परिवार शामिल हुए। इस अभियान में दो महीनों में 1.51 करोड़ यूनिट बिजली की बचत हुई, 12 हजार मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया और 9.8 करोड़ रुपये की वित्तीय बचत दर्ज की गई।

मास्टर प्लान की सड़कें: इंदौर शहर के मास्टर प्लान के तहत पहली बार 4.50 करोड़ रुपए की लागत से 23 महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण शुरू किया गया। विशेष केंद्रीय सहायता से प्रस्तावित एमआर-10 से एमआर-12 को जोड़ने वाली नई सड़क का निर्माण भी शुरू हुआ, जिससे शहर की प्रमुख सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा। अकेले सांवेर क्षेत्र में 100 करोड़ रुपए की लागत की सड़कें बन रही हैं।

हाईटेक कामधेनु गोशाला: इंदौर जिले के महू-मंडलेश्वर मार्ग स्थित आशापुरा गांव में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 हजार गायों के लिए हाईटेक कामधेनु गोशाला का निर्माण किया जा रहा है। इसे नगर निगम के माध्यम से संचालित किया जाएगा, जिसमें संत समाज और समाजसेवियों का सहयोग रहेगा। गोशाला में सभी जरूरी सुविधाएं और सघन पौधारोपण भी किया जाएगा।

पर्यावरण पर जोर: नगर निगम ने 12.50 करोड़ रुपए की लागत से 100 इलेक्ट्रिक डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन शामिल किए। ये वाहन एक बार चार्ज होने पर 140 किमी तक चल सकते हैं। इसके अलावा सोलर संचालित मोबाइल टैंकरों के माध्यम से गर्मियों में नागरिकों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

रोजगार के अवसर: महापौर भार्गव के प्रयासों से मेगा रोजगार मेले का आयोजन हुआ, जिसमें 10 हजार से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार उपलब्ध कराया गया। इस मेले में 100 से अधिक कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिसमें आईटी, रिटेल, ई-कॉमर्स, बीपीओ, फार्मा, फिनटेक, सेल्स, मार्केटिंग, अकाउंटिंग और फाइनेंस क्षेत्रों की कंपनियां शामिल थीं।

योगमित्र अभियान: ‘स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत’ संकल्प के तहत योगमित्र अभियान शुरू किया गया। शहर के 85 वार्डों में योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, 150 योग शालाओं का संचालन किया जा रहा है और 50 से अधिक योग शेड बनाए गए। प्रतिदिन 25-30 हजार लोग सुबह और शाम योगाभ्यास कर रहे हैं।

सौंदर्यीकरण और जलापूर्ति: महापौर द्वारा शहर के उपेक्षित नालों का सौंदर्यीकरण कर क्षेत्र की स्वच्छता बढ़ाई गई। पोकलेन और हाईवा मशीनों से गाद हटाकर नालों का पुनरुद्धार किया गया। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 200 से अधिक रिचार्ज शाफ्ट बनाए जा रहे हैं और प्रमुख कुएं-बावड़ियों की सफाई की जा चुकी है।

कुएं-बावड़ियों का जीर्णोद्धार: शहर के 100 से अधिक प्राचीन कुएं-बावड़ियों को साफ करके पुनर्जीवित किया गया। इनमें वल्लभ नगर बावड़ी, वीरगढ़ी हनुमान बावड़ी, सदर बाजार बावड़ी, कमला नेहरू बावड़ी और बख्शीबाग बावड़ी प्रमुख हैं।

वेटलैंड सिटी का दर्जा: इंदौर ने लगातार आठवीं बार स्वच्छता का राष्ट्रीय खिताब अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय संस्था रामसर द्वारा इंदौर को देश का पहला वेटलैंड शहर घोषित किया गया। सिरपुर तालाब और यशवंत सागर रामसर साइट के रूप में विकसित किए जा रहे हैं।

स्वच्छ देपालपुर: इंदौर नगर निगम ने देपालपुर नगर पंचायत को नंबर वन बनाने के लिए अभियान शुरू किया। तीन नई कचरा संग्रहण गाड़ियां प्रदान की गईं और 100 दिन के टास्क के माध्यम से नगर का स्वरूप बदला जा रहा है।

‘यूनाइटेड इंदौर’ अभियान और मैराथन: स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए ‘रन इंदौर, वन इंदौर’ मैराथन आयोजित की गई। इसमें शहर के करीब 20 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। दिव्यांगों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस तरह महापौर ने यूनाइटेड इंदौर के तहत मेराथन का आयोजन कर स्वस्थ इंदौर को बढ़ावा दिया।

एसटीपी निर्माण: ‘नमामि गंगे’ अभियान के तहत तीन प्रमुख एसटीपी निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। कबीटखेड़ी 120 एमएलडी, बेगमखेड़ी 40 एमएलडी और लक्ष्मीबाई तिराहा वीआईपी रोड 35 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी बनाए जा रहे हैं।

डिजिटल बस स्टॉप: महापौर के नेतृत्व में इंदौर में 40 अत्याधुनिक सिटी बस स्टॉप बनाए जा रहे हैं। इनमें पैसेंजर इन्फर्मेशन सिस्टम, रूट मैप, सीसीटीवी कैमरा, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट और आरामदायक बैठने की सुविधा शामिल होगी।

पार्षदों का अध्ययन दौरा: पार्षदों के तीन अलग-अलग दल सूरत, नवी मुंबई और विशाखापट्टनम् का दौरा करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य देश के अग्रणी शहरों में अपनाए गए नवाचारों का अध्ययन करना है।

ग्रीन बांड और सोलर पार्क: महापौर ने नवाचार कर ग्रीन बांड जारी किए इसके चलते उनके प्रयास से इंदौर में 60 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क स्थापित किया गया, जिससे प्रति माह लगभग 4-5 करोड़ रुपए की बिजली बचत होगी।

बीआरटीएस हटने से राहत: महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के सुधार के लिए भी सदैव प्रयास किए। इसी तारतम्य में बीआरटीएस कॉरिडोर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इस परिवर्तन से शहर में यातायात सुगमता और सुविधा बढ़ेगी।

स्वामी विवेकानंद प्रतिमा: महापौर के प्रयासों से ही सिरपुर तालाब क्षेत्र में स्वामी विवेकानंद की देश की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। प्रतिमा स्थल पर स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों पर आधारित गैलरी भी स्थापित की जाएगी।

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