महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पशु दाह संस्कार प्लांट: क्लॉथ प्रोसेसिंग प्लांट और फायर स्टेशन के भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा- ‘वेस्ट की प्रोसेसिंग हमारी ताकत है’
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । महापौर ने देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में मृत पशुओं के दाह संस्कार के लिए नवीन तकनीक वाले प्लांट, नवीन फायर स्टेशन तथा अनुपयोगी कपड़ों के वेस्ट क्लॉथ प्रोसेसिंग प्लांट क...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महापौर ने देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड में मृत पशुओं के दाह संस्कार के लिए नवीन तकनीक वाले प्लांट, नवीन फायर स्टेशन तथा अनुपयोगी कपड़ों के वेस्ट क्लॉथ प्रोसेसिंग प्लांट का विधिवत भूमिपूजन किया।
इस अवसर पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है।
स्वच्छता अभियान के अंतर्गत इंदौर ने वेस्ट मैनेजमेंट को नेक्स्ट लेवल तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन का जो विजन देश के सामने रखा, उसे इंदौर ने धरातल पर साकार कर दिखाया है।
वेस्ट क्लॉथ प्रोसेसिंग प्लांट
महापौर ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत पीपीपी मॉडल पर बायो-सीएनजी/मेथेनाइजेशन प्लांट एवं एमआरएफ जैसे कई नवाचारी प्लांट स्थापित किए गए हैं, इनके माध्यम से शहर के गीले एवं सूखे कचरे का प्रभावी निपटान किया जा रहा है।
शहर में थ्री-आर की अवधारणा के अंतर्गत प्रत्येक जोन में थ्री-आर कलेक्शन सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों एवं नेकी की दीवार पर बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्रित होते हैं, जिनके उचित निपटान एवं पुन: उपयोग के लिए वेस्ट क्लॉथ प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसमें अनुपयोगी कपड़ों से धागा तैयार कर पुन: उपयोग किया जाएगा।
इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे
महापौर ने कहा कि इंदौर के नवाचार ही उसकी असली ताकत हैं। मौजूदा में शहर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ चुका है। अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं के एनिमल वेस्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आर्मी के सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान किया।
मृत पशुओं को जलाकर विधिवत निपटान किया जाएगा
महापौर ने कहा कि शहर में मृत पशुओं के शवों के पर्यावरण अनुकूल एवं वैज्ञानिक निपटान हेतु स्वच्छ भारत मिशन विभाग द्वारा नवीन तकनीक आधारित प्लांट स्थापित किया जा रहा है। मौजूदा में मृत पशुओं को प्रारंभिक उपचार के बाद दफनाया जाता था, जबकि अब इन्हें आधुनिक मशीनों के माध्यम से जलाकर विधिवत निपटान किया जाएगा, प्लांट में मशीन की क्षमता 1000 किलोग्राम प्रति बैच होगी, इस प्रोजेक्ट की स्वीकृत लागत करीब 3.04 करोड़ रुपए है।
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