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निकाह के नाम पर महिला ने क्या कर दिया: चार बार शादी कर ली; कोर्ट ने क्या सजा सुनाई

KHULASA FIRST

संवाददाता

21 जनवरी 2026, 7:32 पूर्वाह्न
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निकाह के नाम पर महिला ने क्या कर दिया

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
जिला अदालत ने अपनी पूर्व शादियों की जानकारी छिपाकर विवाह करने के एक गंभीर मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

दो साल का कठोर कारावास
जानकारी के अनुसार न्यायालय ने इस मामले में आरोपी महिला हसीना को दोषी मानते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

इस अदालत ने सुनाया फैसला
यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मेघा अग्रवाल की अदालत ने दिया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 82(2) के अंतर्गत सिद्ध पाया गया, जबकि धारा 82(1) में संदेह का लाभ दिया गया।

खुद अधिवक्ता हैं फरियादी
बताया जाता है कि इस प्रकरण के फरियादी तबरेज उल्लाह स्वयं पेशे से अधिवक्ता हैं और जिला न्यायालय भोपाल में प्रैक्टिस करते हैं।

कोर्ट को बताया घटनाक्रम
फरियादी तबरेज उल्लाह ने अदालत के समक्ष पूरा घटनाक्रम बयान किया, जिसके आधार पर ट्रायल आगे बढ़ा और सजा तक मामला पहुंचा।

यह है मामला
फरियादी तबरेज उल्लाह के अनुसार उन्होंने 27 मई 2022 को हसीना से निकाह किया था। बताया जाता है कि विवाह से पहले महिला ने यह जानकारी दी थी कि उसका केवल एक पूर्व पति सलमान है और उससे उसका तलाक हो चुका है।

तब विवाह के लिए माने थे
इसके बाद ही फरियादी ने विवाह के लिए सहमति दी। उस समय महिला ने अपने वैवाहिक जीवन से जुड़ा कोई अन्य तथ्य सामने नहीं रखा।

बदल गया व्यवहार
शादी के एक से डेढ़ महीने बाद ही महिला का व्यवहार पूरी तरह बदलने लगा। महिला ने अपनी बेटियों को भी अपने साथ घर में बुला लिया। लगातार विवाद की स्थिति बनती चली गई।

भाई ने दे दी जान
लगातार तनाव, झगड़े के दबाव को भाई सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर ली। जांच में यह तथ्य सामने आया कि महिला ने उनसे पहले केवल एक नहीं बल्कि कई लोगों से विवाह किया था।

तलाक के बिना विवाह
यह भी सामने आया कि महिला ने अपने किसी भी पूर्व पति से वैधानिक तलाक के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इसके बावजूद उसने नया विवाह किया और अपने पिछले वैवाहिक संबंधों की जानकारी छिपाई।

निचली अदालत से जमानत
19 जनवरी 2026 को न्यायालय ने महिला को दो साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। हालांकि सजा के बाद उसे निचली अदालत से जमानत दे दी गई है और अपील दायर करने के लिए समय प्रदान किया गया है।

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