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मेरी मौत की जिम्मेदार मंदाकिनी दीक्षित है...

आखिरकार सामने आ ही गई शराब ठेकेदार के खामोश कत्ल (आत्महत्या) की वजह खुलासा फर्स्ट का बड़ा खुलासा मुकेश मुवाल 98934-39951  खुलासा फर्स्ट, इंदौर । कनाड़िया गांव के दिनेश मकवाना... एक ऐसे शख्स जो शरा

Khulasa First

संवाददाता

05 दिसंबर 2025, 11:05 पूर्वाह्न
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मेरी मौत की जिम्मेदार मंदाकिनी दीक्षित है...

आखिरकार सामने आ ही गई शराब ठेकेदार के खामोश कत्ल (आत्महत्या) की वजह

खुलासा फर्स्ट का बड़ा खुलासा

मुकेश मुवाल 98934-39951 खुलासा फर्स्ट, इंदौर
कनाड़िया गांव के दिनेश मकवाना... एक ऐसे शख्स जो शराब दुकान पर 13 साल तक मैनेजर रहे, फिर ठेकेदारी में कदम रखा, मेहनत, संघर्ष और घाटे के बीच जिंदगी खींचते रहे, लेकिन दबाव की इंतहा, उगाही के पहाड़ और प्रताड़ना में इतने दब गए कि उनकी हिम्मत टूट गई और उन्होंने जहर खाकर जान दे दी। आखिरकार उनके मोबाइल में छिपे (हाइड) वीडियो से उनके इस खामोश कत्ल के कारणों का खुलासा (वीडियो खुलासा फर्स्ट के पास सुरक्षित है।) हो गया। एक मिनट छह सेकंड के इस वीडियो ने खुलासा किया कि वह देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित की साइलेंट किलिंग का शिकार हुए थे। शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना की खुदकुशी के कारणों का खुलासा करती हुई ये है खास खबर...

उल्लेखनीय है कि दिनेश पिता सत्यनारायण मकवाना निवासी कनाड़िया गांव ने 8 नवंबर को जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। 9 नवंबर को खुलासा फर्स्ट ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। हालांकि तब आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हुआ था। इसके बाद खुलासा फर्स्ट ने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर देवास आबकारी विभाग पर प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने की शंका जताते हुए 19 नवंबर को आत्महत्या नहीं, खामोश कत्ल शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इस बीच कनाड़िया पुलिस ने दिनेश मकवाना की मां संतोष और उनकी पत्नी कविता के बयान लिए।

दोनों ने दिनेश की खुदकुशी के लिए देवास सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार ठहराया है। दोनों का कहना था कि दिनेश मकवाना मंदाकिनी दीक्षित की लालच की भेंट चढ़ गए। मंदाकिनी की प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने जहर खाकर खुदकुशी की थी। दिनेश के उल्टियां करने पर वे बांबे हॉस्पिटल ले गए थे, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। दिनेश ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें अपनी मौत का जिम्मेदार मंदाकिनी दीक्षित को ठहराया।

वीडियो बनाकर हाइड कर रखा था मोबाइल में
मां संतोष मकवाना ने बताया कि इकलौते बेटे दिनेश की मौत के बाद घर में किसी की भी मन:स्थिति ठीक नहीं थी। पिछले दिनों जब हमने दिनेश के मोबाइल की जांच की तो कुछ नहीं मिला, लेकिन बड़े पोते प्रजेश (18) ने हाइड फाइलें खंगाली तो उसमें बेटे दिनेश का खुदकुशी से पहले बनाया वीडियो मिला। 1.०6 मिनट के इस वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए सिर्फ और सिर्फ देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को ठहराते हुए खुदकुशी का कारण बताया है। मैंने मामले में ग्वालियर में आबकारी आयुक्त, इंदौर पुलिस कमिश्नर और कनाड़िया पुलिस से लिखित में मय सबूत (वीडियो) मंदाकिनी दीक्षित पर कार्रवाई की शिकायत की है। हमें अब सिर्फ न्याय चाहिए।

एक बार गाड़ी पलट गई तो दूसरी बार माल चोरी हो गया, घाटे में थी दुकानें
खुलासा फर्स्ट ने जब दिनेश मकवाना की मां संतोष मकवाना से बात की तो उन्होंने बताया कि बेटा दिनेश पहले आशीर्वाद ग्रुप में 13 साल तक मैनेजर रहा। साल 2018 में शराब ठेकेदारी करने लगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए उसने देवास की सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के दबाव में उन पर भरोसा करते हुए करणावत ग्रुप (ग्राम करणावद और ग्राम डेरिया साहू), चापड़ा ग्रुप (चापड़ा-ए और चापड़ा-बी) और डबल चौकी की पांच दुकानों के ठेके लिए।

बैंक ग्यारंटी के 1.40 करोड़ रुपए जमा भी किए, लेकिन अप्रैल से ही मंदाकिनी दिनेश पर प्रति दुकान 2.50 लाख रुपए देने का दबाव बनाने लगी। मैं जब बेटे दिनेश के साथ मंदाकिनी से मिलने मेंडकी दरवाजा स्थित आबकारी विभाग के ऑफिस गई तो हमारे मोबाइल उनके ऑफिस के बाहर रखवा दिए गए। बेटे को बैंक ग्यारंटी जब्त कराने की धमकी देकर रुपए मांगे।

आखिरकार दबाव में 1.50 लाख रुपए प्रति दुकान (पांच दुकानों के 7.50 लाख रुपए) पर बात तय हुई। कहती थी उसे रुपए उज्जैन में आला अफसरों तक को देने पड़ते हैं। 5 अप्रैल को बेटे ने पहली किस्त अदा की। इसके बाद मई माह में मैं खुद दूसरी किस्त देकर आई। मंदाकिनी देवास की भोपाल रोड स्थित ग्रीन कॉलोनी में अपने निजी ऑफिस पर बुलाती थी।

अन्य शराब ठेकेदारों से भी वह यहीं पर लेनदेन करती थी। मेरे बेटे का पैसे नहीं दे पाने पर वेयर हाउस से परमिट का माल नहीं निकलने देती थी। आश्वासन पर माल निकलने देती थी, लेकिन परमिट के समय पर माल भिजवाने के चक्कर में 10 मई को हमारी शराब की गाड़ी सिरोलिया-बागड़दा में पलट गई थी। गांव वालों ने माल लूट लिया था। 8 से 10 लाख का नुकसान हुआ था।

इसकी रिपोर्ट बरोठा थाने में हुई थी। जून में भी हमारी शराब की गाड़ी कटिंग होने से चार-पांच लाख का नुकसान हुआ था। दुकानें घाटे में चल रही थी। तब पैसे समय पर नहीं दे पाने पर मंदाकिनी ने दिनेश को बहुत परेशान किया था। वह अपने ऑफिस का काम कराने और देवास आने वाले अफसरों की सेवा पानी का पैसा भी दिनेश से लेती थी।

आला अफसरों से ये शिकायत की मां संतोष ने
29 नवंबर को की गई अपनी शिकायत में मां संतोष मकवाना का आरोप है कि बेटा दिनेश कई दिन से परेशान था। कई दिन से देवास की एक्साईज असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित मेरे बेटे दिनेश से प्रति दुकान डेढ़ लाख रुपए की मांग कर रही थी। 80 रुपए वाला देशी क्वार्टर 90 रुपए में बेचकर 10 रुपए कमीशन मांगती थी। वह माल के लिगल परमिट को तब तक रूकवा देती थी जब तक उसे रुपए नहीं मिल जाते। दिनेश 22 लाख रुपए दे चुका था, किंतु वह और पैसों का दबाव बनाती और परेशान करती थी। झूठे केस में फंसाने की धमकी देती थी। मौत से पहले मेरे बेटे ने इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग की थी। मंदाकिनी पर केस दर्ज हो। गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

खुदकुशी से पहले चलती कार में अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर रुआंसी आवाज में बोले दिनेश मकवाना...
मैं दिनेश मकवाना, देवास जिले में शराब ठेके चलाता हूं। चापड़ा, करणावद, डबल चौकी तीन ग्रुप हैं मेरे पास। 14 करोड़ का टोटल काम है मेरे पास। यहां पर एसी (सहायक आबकारी आयुक्त, देवास) मैडम हैं मंदाकिनी दीक्षित। ये मुझसे पैसों की मांग करती हैं। इनको एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना चाहिए। पांच दुकानें हैं मेरे पास।

साढ़े सात लाख रुपए महीना इनको चाहिए। अभी तक इनको मैं 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं और मैंने बोला मैडम, अभी मुझे घाटा हो रहा है। दशहरे बाद बिक्री बढ़ जाएगी तो उसके बाद पैमेंट दे दूंगा। हम माल लेते है तो माल पर रोक लगवा देती है। देशी वेयर हाउस पर।

माल नहीं देने देती। जब तक पैसे नहीं आएं, माल मत दो। आज भी मेरा इशू था तो मना कर दिया उनने कि वेयर हाउस पर माल मत देना और जब तक पैमेंट नहीं आए तब तक। रोज-रोज इनका ये ही रहता है तो इस कारण मैं एसी मैडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूं।

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