मनासा विधायक माधव मारू ने शराब माफिया को बताया समाजसेवी: ढाल बन रहे भाजपा विधायक
अशोक-अरुल अरोरा की काली कमाई से खुला अस्पताल खुलासा फर्स्ट, नीमच । जिले के मनासा में अवैध शराब का जहर फैलाने वालों को विधायक माधव मारू का वरदहस्त प्राप्त है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री प्रह्
Khulasa First
संवाददाता

अशोक-अरुल अरोरा की काली कमाई से खुला अस्पताल
खुलासा फर्स्ट, नीमच।
जिले के मनासा में अवैध शराब का जहर फैलाने वालों को विधायक माधव मारू का वरदहस्त प्राप्त है। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और मंत्री प्रह्लाद पटेल माधवम हॉस्पिटल के उद्घाटन में पहुंचे, लेकिन ये हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि शराब तस्कर अशोक अरोरा और उसके बेटे अरुल अरोरा के करोड़ों के काले धन को धोने का गंदा अड्डा है।
मारू ने सोशल मीडिया पर अरुल को समाजसेवी बताकर शुभकामना दी और फोटो शेयर किए। अरुल अरोरा को सम्मान देने के विधायक मारू के कृत्य से चर्चा का बाजार गर्म है।अ
शोक की शराब दुकानें नीमच जिले को जहर पिला रही हैं, नकली और महंगी शराब बेचकर गरीबों का खून चूस रही हैं लेकिन मारू जैसे विधायक शराब माफिया की ढाल बनकर जनता को ठेंगा दिखा रहे हैं। चर्चा है हॉस्पिटल अवैध कमाई से बना है।
मनासा की पांच अवैध दुकानों पर विधायक की शर्मनाक चुप्पी.. नीमच और मनासा के हर कोने में अशोक-अरुल की अवैध दुकानें खुलेआम ओवररेट पर जहर बेच रही हैं, परिवार बर्बाद हो रहे हैं, जिंदगियां चूर-चूर, लेकिन भाजपा विधायक माधव मारू की आंखें बंद हैं।
उनकी फेसबुक पोस्ट ने तो सनसनी मचा दी। अपराधी को समाजसेवी कहना कहा तक सही है? क्या यह भाजपा की मानसिकता है?
नीमच विधायक दिलीप सिंह परिहार ने विधानसभा में अरोरा के अवैध शराब माफिया के करोबार पर कार्रवाई की मांग उठाने की बात कही लेकिन मारू की खामोशी असलियत बयां कर रही है। क्या कमीशन की मोटी रकम के लालच में वे अवैध कारोबार को पनपने दे रहे हैं? जनचर्चा है विधायक बताएं अरुल अरोरा ने जनहित का कौन-सा काम किया जो उसे फेसबुक पर समाजसेवी लिखा? खुलासा फर्स्ट प्रतिनिधि ने विधायक से फोन पर बात करने की कोशिश की, लेकिन मारू ने कॉल तक नहीं उठाया।
मिलीभगत का काला जाल
मारू-अरोरा की जोड़ी प्रशासन को कमजोर कर कानून का मजाक उड़ा रही है। कार्रवाई कब होगी, भाजपा जागेगी? ये मारू ओर अरोरा का घिनौना गठजोड़ भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। भाजपा विधायक माधव मारू असल में शराब माफिया के गुलाम बन चुके हैं।
अशोक अरोरा की दुकानों ने कई जिंदगी तबाह कीं लेकिन मारू का संरक्षण उन्हें बचा रहा है। अरुल को समाजसेवी बताकर जनता का अपमान किया गया है, जबकि वो पिता के काले साम्राज्य को चला रहा है। रिश्वत का ये जाल इतना गहरा है कि भाजपा के शीर्ष नेता भी चुप हैं। व्यावसायिक लाभ के चक्कर में मारू अपराध को चमका रहे हैं, जनता को धोखा दे रहे हैं।
मारू के मौन पर सवाल
प्रशासन और कानून कमजोर पड़ चुके हैं। कब होगी अरोरा के अवैध शराब के साम्राज्य पर सख्त कार्रवाई? जनता सवाल पूछ रही है, लेकिन विधायक की चुप्पी ही जवाब है। ये राजनीति नहीं,अरोरा के अवैध शराब के अपराध को संरक्षण देने की साजिश है। मनासा में अवैध शराब का साम्राज्य चला रहे अशोक-अरुल अरोरा पर कार्रवाई कब होगी? विधायक मारू की मौन प्रतिक्रिया से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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