कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले: इन अहम प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मोहन कैबिनेट ने मंगलवार को एक अहम फैसला लेते हुए पचमढ़ी नगर को पचमढ़ी अभयारण्य से अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के आधार पर लिया गया है।
इससे पहले भी इस विषय पर कैबिनेट फैसला हो चुका था, लेकिन तकनीकी खामियों के चलते पचमढ़ी नगर को अभयारण्य से अलग नहीं किया जा सका था।
तकनीकी त्रुटियां सुधारकर दोबारा लाया गया प्रस्ताव
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि वन विभाग द्वारा लाए गए नए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में कुछ तकनीकी त्रुटियां रह गई थी।
जिनके कारण कुछ नदी-नाले क्षेत्र से बाहर नहीं हो पाए थे। अब इन त्रुटियों को दूर करते हुए पचमढ़ी नगर की सीमा को अभयारण्य से पूरी तरह अलग कर दिया गया है।
टाइगर रिजर्व के बफर जोन में 390 करोड़ के विकास कार्य
कैबिनेट ने इस फैसले के साथ ही टाइगर रिजर्व एरिया के बफर जोन में 390 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये सभी कार्य सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत किए जाएंगे। इससे पचमढ़ी के शहरी क्षेत्र में विकास कार्यों का रास्ता साफ हो गया है।
395.95 हेक्टेयर भूमि नजूल घोषित
मंत्री काश्यप ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य सरकार पहले ही 395.95 हेक्टेयर भूमि को नजूल भूमि घोषित कर चुकी है। इसके बाद पचमढ़ी के शहरी इलाके में विकास कार्य संभव हो सकेंगे।
तवा परियोजना और सिंचाई योजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने तवा नदी की दाईं तट सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। 215 करोड़ रुपये की लागत से परियोजनाएं पूरी होंगी। 63 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
अन्य अहम प्रस्ताव जिन्हें मिली मंजूरी
टाइगर रिजर्व के बफर जोन विकास को वन विभाग के प्रस्ताव पर स्वीकृति
तवा परियोजना दाईं तट नहर की बागरा शाखा नहर होज सिंचाई परियोजना को मंजूरी
पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति
जनजातीय कार्य विभाग की 15 योजनाएं आगामी वर्षों तक जारी रखने का निर्णय
सोलहवें वित्त आयोग की अवधि तक मौजूदा कार्यक्रम जारी रखने को स्वीकृति
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजना के तहत 500 बेरोजगार
युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार देने का फैसला- इसके लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान
सिवनी जिले के सिमरिया गांव में वेयरहाउस निर्माण के कारण भूमि स्वामी को मुआवजा देने की मंजूरी
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मोहन कैबिनेट के इन फैसलों से जहां पचमढ़ी के विकास को नई गति मिलेगी, वहीं सिंचाई, रोजगार और सामाजिक योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
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