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आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: बड़े उद्योगपति की फैक्ट्री की सील; इस मामले में लिया एक्शन

KHULASA FIRST

संवाददाता

05 फ़रवरी 2026, 1:37 अपराह्न
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आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, रायसेन।
जिले के सेहतगंज क्षेत्र में स्थित सोम डिस्टलरीज को बुधवार देर रात आबकारी विभाग ने सील कर दिया। यह कार्रवाई करीब दो साल पुराने देपालपुर नकली शराब और फर्जी परमिट मामले में अदालत के आदेश के तहत की गई है।

फैक्ट्री को सील करने के निर्देश दिए थे
जानकारी के अनुसार, अदालत ने सोम डिस्टलरीज का लाइसेंस निलंबित करते हुए फैक्ट्री को सील करने के निर्देश दिए थे। इन्हीं आदेशों के पालन में बुधवार शाम आबकारी आयुक्त के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सहित भोपाल से पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने सेहतगंज स्थित फैक्ट्री पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की।

देपालपुर केस में आया था सख्त फैसला
उल्लेखनीय है कि नकली शराब परिवहन परमिट और अवैध शराब सप्लाई से जुड़े मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, देपालपुर ने प्रकरण क्रमांक 21/2021 (फाइलिंग 975/2021) में 23 दिसंबर 2023 को अहम फैसला सुनाया था।

इस फैसले में मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड, सेहतगंज (रायसेन), मेसर्स सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड, रोजराचक (रायसेन) के प्रतिनिधियों और डायरेक्टर्स को दोषी ठहराते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई थी।

इन अधिकारियों पर गिरी थी गाज
अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए लोगों में उमाशंकर शर्मा, जी.डी. अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर, दीनानाथ सिंह शामिल हैं। ये सभी सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड से जुड़े बताए गए हैं।

कूट रचना का खुलासा
अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपियों ने मिलकर परमिट क्रमांक 10363 ट्रक क्रमांक MP 09 HF 5185 की बिल्टी सहित कई परमिट बुक की कूटरचना की थी। जांच में सामने आया कि अलग-अलग लोगों द्वारा सैकड़ों फर्जी शराब परिवहन परमिट बनाए गए, जिनका उपयोग कर खुद को या कंपनी को अवैध रूप से लाभ पहुंचाया गया।

फर्जी परमिट कूट रचना के आंकड़े
इसमें मदनसिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, विरेन्द्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे 282, कैलाश बंगाली 29, मोहन सिंह तोमर 676, उमाशंकर 75 और दिनकरसिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट की कूटरचना कर स्वयं को अथवा मेसर्स सोम डिस्टलरीज प्रायवेट लिमिटेड को लाभ पहुंचाने का काम किया गया था।

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