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EOW की बड़ी कार्रवाई: कॉलोनाइजर और भू-स्वामी पर केस दर्ज; कलेक्टोरेट में बंधक प्लॉट बेचे

KHULASA FIRST

संवाददाता

10 फ़रवरी 2026, 1:00 अपराह्न
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EOW की बड़ी कार्रवाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने शहर में रियल एस्टेट से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉलोनाइजर और भूमि स्वामी के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

प्लॉटों को नियमों की अनदेखी कर बेच दिया
आरोप है कि कलेक्टोरेट से विकास अनुमति लेने के बदले जिन भूखंडों को बंधक रखा गया था, उन्हीं प्लॉटों को नियमों की अनदेखी कर बेच दिया गया।

किसके खिलाफ दर्ज हुआ केस
ईओडब्ल्यू की जांच के बाद बजरंग पालिया, तहसील सांवेर स्थित “श्री श्याम विहार कॉलोनी” से जुड़े मामले में मेसर्स राज बिल्डकॉन के संचालक राधेश्याम मुजाल्दे, भूमि स्वामी फर्म मेसर्स श्याम कृपा रियलिटी के संचालक अर्जुन सिंह राजपूत और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318, 336, 338, 340 और 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

विकास मंजूरी के बदले रखे गए थे 39 प्लॉट बंधक
ईओडब्ल्यू के अनुसार, ग्राम बजरंग पालिया में स्थित “श्री श्याम विहार कॉलोनी” को 26 दिसंबर 2020 को इंदौर कलेक्टोरेट की कॉलोनी सेल से विकास अनुमति मिली थी। इस अनुमति के बदले कॉलोनी के कुल 39 भूखंडों को बंधक रखा गया था, जो शासन के स्वामित्वाधीन माने जाते हैं।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि कॉलोनी का कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र अब तक जारी नहीं हुआ था, इसके बावजूद बंधक रखे गए कुछ भूखंडों का विक्रय कर दिया गया।

कौन से बंधक प्लॉट बेचे गए
जांच में सामने आया कि बंधक भूखंड क्रमांक 14 और 15 को कॉलोनाइजर राधेश्याम मुजाल्दे ने बेचा, जबकि भूखंड क्रमांक 153 का विक्रय भूमि स्वामी अर्जुन सिंह राजपूत द्वारा किया गया। ईओडब्ल्यू का कहना है कि आरोपियों को यह पूरी जानकारी थी कि ये भूखंड बंधक हैं और मध्यप्रदेश शासन के अधीन हैं, फिर भी नियमों का उल्लंघन कर बिक्री की गई।

जांच जारी
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार यह मामला गंभीर आर्थिक अपराध से जुड़ा है और इसमें अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

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