महाजन ने आईपीएस एकेडमी से फर्जी साइन कर एक करोड़ निकाले
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
तिलक नगर संस्था के भवन पर कब्जा जमाकर इंडो किड्स स्कूल चलाने वाले राजेंद्र नंदलाल महाजन पर एक और आरोप लगा है। वो आईपीएस एकेडमी का मैनेजर भी है और यहां उसने फर्जी साइन कर करीब एक करोड़ का गबन किया है।
आईपीएस के कर्मचारियों परीक्षित गंगराड़े, विजय पाटीदार, कमलेश गुर्जर ने कलेक्टोरेट में आयोजित जनसुनवाई में इसकी शिकायत की है। इसमें उन्होंने कहा कि 2010 में वे आईपीएस स्कूल में नौकरी पर लगे थे और मैनेजर राजेंद्र पिता नंदलाल महाजन उन्हें शिक्षकीय कार्य के अलावा अन्य कार्यों के लिए बाहर भेजता था।
महाजन ने आईपीएस सहकारी संस्था में उनके खाते खोले थे, जिसमें वो वेतन जमा करता था, लेकिन उसमें से वेतन निकालने नहीं देता था। हम समझते थे कि ऐसा इसलिए कर रहा है, क्योंकि वेतन बचत खाते में जमा हो रहा है।
कुछ दिन बाद पता चला कि महाजन ने हमारी फर्जी साइन करके हमारे पैसे निकाल लिए हैं। ये राशि एक करोड़ रुपए से ज्यादा की है। इसकी शिकायत राजेंद्र नगर थाने में करने गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामले में राजेंद्र महाजन का कहना है कि उसका आईपीएस एकेडमी से कोई लेना-देना ही नहीं है। वो तो तिलक नगर में इंडो किड्स स्कूल चलाता है, लेकिन स्कूल के
ब्रोशर पर लिखा है कि इंडो किड्स स्कूल आईपीएस एकेडमी की ही संस्था है।
बच्चों के भी खाते संस्था में खुलवा रखे थे
तीनों शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वे पेशे से किसान भी हैं, लेकिन फसलों से मिला पैसा भी उसी खाते में जमा कराते थे और बच्चों के भी खाते संस्था में खुलवा रखे थे। ये सारा पैसा महाजन ने जालसाजी करके निकाल लिया। मामले में महाजन ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया।
शिकायतकर्ताओं की मांग है कि महाजन हमारे एक करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि निकालकर खा गया है। उस पर किए गए हस्ताक्षर की फोरेंसिक जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत एकेडमी के संचालक अचल चौधरी से भी की थी, लेकिन उन्होंने सहकारी संस्था से कोई संबंध न होने की बात कही।
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