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मप्र में कानून का मजाक, अपराधियों को संरक्षण दे रही भाजपा सरकार: कांग्रेस, हवाई फायरिंग, नोटों का अपमान, फर्जी मुकदमे और अवैध गिरफ्तारियों पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में खुलेआम कानून तोड़ा जा रहा है,

Khulasa First

संवाददाता

13 दिसंबर 2025, 11:29 पूर्वाह्न
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मप्र में कानून का मजाक, अपराधियों को संरक्षण दे रही भाजपा सरकार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश में खुलेआम कानून तोड़ा जा रहा है, लेकिन सत्ता के संरक्षण में अपराधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही।

एक ओर देशभक्ति की बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, वहीं दूसरी ओर देश की मुद्रा और कानून का खुलेआम अपमान करने वालों को संरक्षण दिया जा रहा है।

प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की- मप्र कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता एडवोकेट प्रमोद कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार देश की मुद्रा का अपमान करने वालों को संरक्षण दे रही है और खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही।

उन्होंने कहा कि भाजयुमो के पदाधिकारियों और भाजपा नेताओं द्वारा हजारों लोगों की मौजूदगी में हवाई फायर किए गए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर खुलेआम प्रचारित और प्रसारित हुए, इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

बिना अपराध युवकों को हिरासत में लिया जा रहा
द्विवेदी ने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दलों के दफ्तरों पर कालिख फेंकने की कोशिश करने वालों, पत्थरबाजी करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो यह सीधे तौर पर अराजक सरकार की पहचान है।

उन्होंने कहा कि बिना कारण और बिना अपराध युवकों को हिरासत में लिया जा रहा है, जिस पर उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय तक को टिप्पणी करना पड़ी है।

यह इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति किस दिशा में जा रही है। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में पैकेट गवाहों से लेकर नकली मुकदमों तक का खेल चल रहा है।

निरपराध परिजन की अवैध गिरफ्तारी और बिना न्यायिक प्रक्रिया के मकान जमींदोज किए जाने पर भी गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।

भूमाफियाओं के इशारे पर साठगांठ कर नकली दस्तावेज तैयार करने वाले आदतन अपराधियों की रिपोर्ट के आधार पर प्रतिष्ठित और सम्मानित व्यक्तियों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।

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