8 जिलों की 17 हजार एकड़ जमीन का लैंड बैंक तैयार: रंग ला रही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में औद्योगिक निवेश लाने के लिए की जा रही पहल के बेहतरीन नतीजे सामने आ रहे हैं। बड़ी संख्या में देशभर के उद्योगपति मप्र की ओर रुख कर रहे हैं। मप्र औद्योगिक विकास निगम ने इसलिए आठ जिलों की 17 हजार एकड़ जमीनों का एक लैंड बैंक तैयार किया है। कई नामी कंपनियों ने तो इस लैंडबैंक में से जमीनों के लिए आवंटन भी करवाया है।
अधिकारियों को उम्मीद है कि मप्र में मिल रही सुविधाओं-संसाधनों के कारण देश की शीर्षस्थ कंपनियां और उद्योगपति आकर्षित हो रहे हैं। इसलिए मप्र औद्योगिक विकास निगम ने 17 हजार एकड़ का नया लैंड बैंक तैयार किया है। ये जमीनें मालवा-निमाड़ के आठ जिलों में हैं।
अधिकारियों के अनुसार साल 2025 में 4 हजार एकड़ से अधिक जमीनों का आवंटन 125 नए उद्योगों को किया है, जिसमें लगभग 22 हजार करोड़ रुपए के निवेश के साथ 66 हजार से अधिक को रोजगार मिलने की संभावना है। इंदौर-पीथमपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर, सेक्टर 7 और पीएम मित्र पार्क में भी बड़ी कंपनियों ने जमीनों का आवंटन कराया है।
17 हजार एकड़ का लैंड बैंक इंदौर-पीथमपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयार कर लिया है और लगातार नए उद्योगों को जमीनों का आवंटन किया जा रहा है।
बीते वर्ष यानी 2025 की बात की जाए तो 4 हजार एकड़ से अधिक जमीनें सवा सौ नई औद्योगिक इकाइयों को आवंटित की गईं, जिनमें 22 हजार करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है। आईटी, टेक्सटाइल, गारमेंट, पेंट्स, डाटा सेंटर, लॉजिस्टिक, वेयर हाउस सहित अन्य तमाम प्रोजेक्ट आ रहे हैं।
इतना ही नहीं, जो पीएम मित्र पार्क मध्यप्रदेश को मिला है, उसमें भी अरविंद, बेस्ट लाइफ, जैन कोर्ड इंडस्ट्रीज से लेकर ट्राइडेंट जैसी बड़ी कंपनियों को जमीनें आवंटित की गई हैं। इन जिलों में इंदौर, देवास, धार, उज्जैन, बड़वानी, खंडवा, खरगोन व एक जिला और शामिल है।
सेक्टर 7 में बड़ी कंपनियों को जमीन मिली
एमपीआईडीसी से मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-7 में भी कई बड़ी कंपनियों जिनमें एशियन पेंट, न्यू जील, जेएसडब्ल्यू सहित कई बड़े निर्माताओं ने जमीनें आवंटित कराई हैं। वहीं पीथमपुर सेक्टर-7 में लैंड पुलिंग एक्ट पॉलिसी के तहत जमीन मालिकों को व्यवसायिक भूखंडों से लेकर अन्य आवंटन भी किए जा रहे हैं।
अभी तक 500 करोड़ रुपए से अधिक के भूखंड आवंटित हो चुके हैं। यहां भू-अर्जन के लिए 80-20 का फॉर्मूला अपनाया गया है। 20 प्रतिशत राशि नकद मुआवजे के रूप में और 80 प्रतिशत का मुआवजा जमीन के बदले व्यवसायिक-आवासीय और अन्य उपयोग के विकसित भूखंडों को आवंटित कर किया जा रहा है।
संबंधित समाचार
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!



