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रुणावदा की चरनोई भूमि पर जिहादियों का कब्जा: पहले दो बार निरस्त फिर अचानक कर दिया नामांतरण

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । देपालपुर के ग्राम रुणावदा की करोड़ों की चरनोई की भूमि पर कुछ जिहादियों ने कब्जा कर लिया है। अभा बलाई महासभा के अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टो

Khulasa First

संवाददाता

28 नवंबर 2025, 10:55 पूर्वाह्न
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रुणावदा की चरनोई भूमि पर जिहादियों का कब्जा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
देपालपुर के ग्राम रुणावदा की करोड़ों की चरनोई की भूमि पर कुछ जिहादियों ने कब्जा कर लिया है। अभा बलाई महासभा के अध्यक्ष मनोज परमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टोरेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा और जमीन जिहादियों के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की।

परमार ने बताया कि रुणावदा की कृषि भूमि जिसका सर्वे नंबर 130/1/2, रकबा 1.295 हैक्टेयर जो कि राजस्व रिकार्ड में मिशल बंदोबस्त चरनोई की है। इस पर करामात खान, मुख्तयार खान, नौशाद खान और मोहम्मद खान निवासी किदवई मार्ग देपालपुर ने वर्षों से कब्जा जमा रखा है और अब उन्होंने ये जमीन धरावरा के ओम विष्णु खाती को करोड़ों रुपयों में बेच दी है।

खाती ने 14 दिसम्बर 2024 को देपालपुर के तत्कालीन तहसीलदार शेखर चौधरी के पास जमीन का नामांतरण आवेदन दिया। इस जमीन को पटवारी रिपोर्ट में सरकारी बताया गया जिसके बाद ये आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसके बाद गत 20 जनवरी 2025 को दोबारा आवेदन दिया गया जो फिर निरस्त कर दिया गया।

18 जून को तहसीलदार लोकेश आहूजा ने खाती के नाम जमीन कर दी। पटवारी मुकेश चौहान ने अपनी रिपोर्ट में जमी को निजी बता दिया। गत 3 नवम्बर को तहसीलदार धर्मेंद्र चौकसे ने जमीन का नामांतरण गोकुल पिता जगदीश और अन्य के नाम कर दिया। आश्चर्य की बात ये है कि 20 जनवरी 2025 को तत्कालीन तहसीलदार शेखर चौधरी ने जमीन के नामांतरण निरस्ती का आदेश दिया उसका क्रमांक 0779/अ-5/2-24-2025 था और 18 जून को तहसीलदार लोकेश आहूजा ने जो नामांतरण मंजूर किया उसका आदेश क्र. भी यही था।

परमार ने मांग की कि सरकारी जमीन को हथियाने वाले सभी आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाए और गलत ढंग से जमीन का नामांतरण करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के बाद अपर कलेक्टर रोशनी वर्धमान को ज्ञापन दिया गया जिन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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