खबर
Top News

जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन आंदोलन: कुएं और बावड़ियों और जल संरचनाओं को मिल रहा है नया रूप

KHULASA FIRST

संवाददाता

06 मई 2026, 5:57 pm
75 views
शेयर करें:
जल गंगा संवर्धन अभियान बना जन आंदोलन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले रहा है। जिले में जल संवर्धन और संरक्षण के कार्यों में मदद के लिए नागरिक और कॉर्पोरेट सेक्टर भी आगे आ रहे हैं। इनके सहयोग से पुरानी बावड़ियों और कुंओं का जीर्णोद्धार कर उनका सौन्दर्यीकरण किया जा रहा है तथा उपयोगी बनाया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिले में संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान तथा जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सिद्धार्थ जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में जानकारी दी गई कि इंदौर जिले में वर्ष 2026-27 के दौरान जल संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में प्रभावी कार्य जा रहे हैं। बताया गया कि इस अभियान के अंतर्गत आईसीआईसीआई बैंक ने 15 बावड़ियों की सफाई और जीर्णोद्धार का कार्य हाथ में लिया है। इसी तरह आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा 10 कुएं के जीर्णोंद्धार की जिम्मेवारी ली गई है। सोनिक बॉयोकेम द्वारा 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। मोयरा सरिया द्वार दो हजार घरों में रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए दो हजार फिल्टर दिए गए हैं।

इसी तरह कृतज्ञ वेल्फेयर सोसायटी द्वारा 150 रिचार्ज सॉफ्ट का निर्माण किया जा रहा है। इफ्का फाउंडेशन द्वारा बायपास एवं मुख्य चौराहों पर ड्रम प्लांटेशन किया जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी 10 हजार पौधारोपण और एक हजार रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग के लिए फिल्टर देने की जिम्मेदारी ली है। इसी प्रकार कोटक बैंक, ईएफआई और भारतीय जन संगठन द्वारा भी जल संरक्षण और जल संवर्धन के कार्यों में मदद दी जा रही है।

इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों किसानों के सहयोग से तालाबों के गहरीकरण का कार्य जारी है। बैठक में बताया गया कि गत वर्ष चलाये गए अभियान में अमृत सरोवर अभियान के अंतर्गत 101 तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया। इसी प्रकार पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान के तहत 392 जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य कराए गए तथा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 713 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए। इनमें मुख्य रूप से सोख पिट, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, खेत तालाब, पारंपरिक जल निकायों एवं टैंकों का नवीनीकरण शामिल है।

बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान इस वर्ष भी संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पुराने कुएं एवं बावड़ियों, तालाबों, स्टॉप डेम के जीर्णोद्धार और साफ-सफाई का कार्य हाथ में लिया गया है। अभियान के अंतर्गत रूफ वॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, डगवेल रिचार्ज, खेत तालाब, हैण्डपम्प रिचार्ज आदि के कार्य कराये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कुल 5 हजार कार्य कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्य शुरू भी कर दिए गए हैं। इसी तरह शहरी क्षेत्र में लगभग 25 हजार कार्य कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!