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बनारस मणिकर्णिका घाट पर क्या नींद में है प्रशासन: किस ट्रस्ट की संपत्ति पर है सुप्रीम कोर्ट से हाईकोर्ट का आदेश

KHULASA FIRST

संवाददाता

20 जनवरी 2026, 10:44 पूर्वाह्न
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बनारस मणिकर्णिका घाट पर क्या नींद में है प्रशासन

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
1962 में गठित खासगी ट्रस्ट में मणिकर्णिका घाट सहित देवी अहिल्याबाई होलकर द्वारा बनाई गई 206 संपत्तियों को शामिल किया गया है।

संपत्तियों के रखरखाव के लिए ही खासगी ट्रस्ट का गठन
दरअसल होलकर साम्राज्य के देश में विलीन होने के बाद उसकी संपत्तियों के रखरखाव के लिए ही खासगी ट्रस्ट का गठन किया गया था।

हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में केस
उल्लेखनीय है कि होलकर के वंशजों में संपत्ति विवाद को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में लगे केस में सुनवाई जारी है।

संपत्तियां यथावत रखने के निर्देश
कोर्ट के अंतरिम आदेश में कहा गया है कि इन संपत्तियों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया जाए।

संपत्तियों की बिक्री को लेकर आदेश
सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई 2022 को जारी आदेश खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों की बिक्री को लेकर था। इसके खिलाफ पहले ही हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू से जांच कराए जाने तक के आदेश दिए थे।

सुप्रीम कोर्ट चले गए थे
महारानी उषा देवी और खासगी ट्रस्ट सुप्रीम कोर्ट गए थे। 21 जुलाई 2022 को आदेश हुए कि नए सिरे से रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट इस ट्रस्ट को पुनर्गठित करे। संपत्तियों के बिकने की जांच करें और यदि इसमें नुकसान हुआ है, तो उसकी भरपाई की जाए।

नहीं ली कोई आपत्ति
खासगी ट्रस्ट में मध्य प्रदेश शासन की ओर से संभागायुक्त और पीडब्ल्यूडी इंजीनियर के साथ ही केंद्र से रिटायर आईएएस अवनी वैश्य भी सदस्य हैं। इसके बावजूद इनके माध्यम से किसी तरह की आपत्ति नहीं ली गई है।

टूटी मूर्तिया मांगी
बनारस में खासगी ट्रस्ट के ट्रस्टी यशवंत राव रेंण्डल ने जाकर टूटी मूर्तियों की मांग की, पर किसी ने भी मौके पर कोर्ट के आदेश का हवाला देकर काम रोकने की कोशिश नहीं की।

इतनी संपत्तियां हैं
खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों की सूची में बनारस के मणिकर्णिका घाट के अलावा, श्री महादेव मंदिर, दशावमेध घाट, जनाना घाट, सीतलामाता मंदिर के पीछे चबूतरा के साथ अहिल्श्वेर मंदिर, तारेकश्वर मंदिर, मणिकर्णेशवर मंदिर और कुछ मकान नंबर भी हैं।

अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा का विरोध
अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा इसे लेकर विरोध आंदोलन कर रही है। उनका आंदोलन रविवार, 18 जनवरी से बनारस में शुरू हुआ है। कलेक्टर बनारस को ज्ञापन भी दिया है।

काम रोकने की मांग
अखिल विश्व पाल क्षत्रिय महासभा ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट इंदौर के आदेश का हवाला देकर काम रोकने की मांग की है।

जिला प्रशासन की चुप्पी क्यों
इस मामले में जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठ रहे हैं। संभागायुक्त सुदाम पी खाड़े इसमें सदस्य हैं। ना ही रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट यानी एसडीएम गोपाल वर्मा के जरिए कोई कदम उठाया गया है।

तब खुद गए थे कलेक्टर
जब हरिद्वार में कुशावर्त घाट को बेचा गया था, तब तत्कालीन कलेक्टर आकाश त्रिपाठी खुद हरिद्वार गए थे। इनके साथ, पूरी टीम भी गई थी।


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