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क्या गुंडाप्रेमी है संयोगितागंज पुलिस: जांच के नाम पर आरोपी को बचाने का प्रयास; प्रॉपर्टी कारोबारी को धमकाने वाले पर दर्ज नहीं किया केस

KHULASA FIRST

संवाददाता

04 फ़रवरी 2026, 9:15 पूर्वाह्न
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क्या गुंडाप्रेमी है संयोगितागंज पुलिस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
ये सवाल बड़ा सीधा, लेकिन चुभने वाला है। हो भी क्यों न, एक छपरीबाज गुंडा अपने मोबाइल से खुद को वसूलीबाज और मैटरबाज बताते हुए प्रतिष्ठित प्रॉपर्टी कारोबारी को गालियां देता है। घर से उठाकर ले जाने की धमकी देता है।

कारोबारी बतौर सबूत रिकॉर्डिंग पेश करते हैं, लेकिन संयोगितागंज पुलिस गुंडे का नाम सुनकर शिकायत के एक पखवाड़े बाद भी जांच के नाम पर उसे बचाने की जुगत में नजर आती है। यानी कहा जा सकता है कि संयोगितागंज पुलिस के राज में क्षेत्र के कारोबारी सुरक्षित नहीं हैं।

प्रॉपर्टी कारोबारी को मोबाइल 75090-03559 से एक गुंडे ने कॉल किया था। खुद को सरवटे बस स्टैंड स्थित मां शारदा ट्रेवल्स का राहुल सोनकर उर्फ राहुल वर्मा और वसूलीबाज बताते हुए छपरीबाज गुंडे ने गालियां दी और धमकाते हुए सिमरोल निवासी कैलाश गौड़ और महू निवासी मनोहर चौधरी के नाम से दलाली के पैसे मांगे।

आरोपी ने इस दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला और गोलू शुक्ला के नाम भी लिए। कारोबारी ने गुंडे की कैलाश गौड़ से बात कराई तो गौड़ ने उसे पहचानने तक से इनकार कर दिया।

धमकी के बाद कारोबारी थाने पहुंचे और टीआई केपी यादव व एसीपी तुषार सिंह को धमकी की रिकॉर्डिंग सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की, लेकिन राहुल सोनकर और मां शारदा ट्रेवल्स सुनते ही अफसरों ने जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।

हालांकि धमकाने वाले नंबर के धारक पर केस दर्ज करने के बजाय पुलिस ने राहुल सोनकर को बुलाया। उसका वॉइस सैंपल लिया और जांच के लिए भेजने का कहा। वहीं जब मामला डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास तक पहुंचा तो उन्होंने भी जांच के बाद कार्रवाई की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।

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