हादसे को दे रहा आमंत्रण: अस्पताल की 60 साल पुरानी बिल्डिंग का रिनोवेशन
आदित्य शुक्ला खुलासा फर्स्ट, इंदौर। नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से एलआईजी चौराहा स्थित सीएचएल अस्पताल का बिना निगम अनुमति के रिनोवेशन कराया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल की करीब 60 साल पुरानी बिल्डिंग क
Khulasa First
संवाददाता

आदित्य शुक्ला खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम अफसरों की मिलीभगत से एलआईजी चौराहा स्थित सीएचएल अस्पताल का बिना निगम अनुमति के रिनोवेशन कराया जा रहा है। इसके चलते अस्पताल की करीब 60 साल पुरानी बिल्डिंग की दीवारों में बड़े-बड़े सुराखकर लोहे का भारी भरकम स्ट्रक्चर लगाया जा रहा है। जबकि अस्पताल में सैकड़ों मरीज भर्ती है जिनका इलाज किया जा रहा है। ऐसे में कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा।
नगर निगम जोन 9 एलआईजी चौराहा स्थित सीएचएल अस्पताल का रिनोवेशन हो रहा है। इसके चलते अस्पताल प्रबंधन के द्वारा अस्पताल के सामने की दीवार में बड़े-बड़े सूराख कर लोहे का स्ट्रक्चर फिट किया जा रहा है। प्रबंधन के द्वारा रिनोवेशन का कार्य करने के दौरान भी अस्पताल में सैकड़ों मरीज भर्ती है जिनका इलाज हो रहा है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन को मरीजों की परवाह नहीं है। जबकि जिस अस्पताल बिल्डिंग का रिनोवेशन कराया जा रहा है वह हाउसिंग बोर्ड की बिल्डिंग है। जिसका निर्माण वर्ष 1965 में हुआ।
इस तरह कीरब 60 साल पुरानी जर्जर बिल्डिंग का रिनोवेशन करने के लिए बिल्डिंग की जर्जर दीवारों में बड़े-बड़े होल कर उनमें लोहे के पाइप फिट किए जा रहे हैं। इससे अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों की जान को खतरा बढ़ गया है। बताया जाता है कि सैकड़ों टन वजनी लोहे के स्ट्रक्चर का वजन अस्पताल भवन की पुरानी दीवारें नहीं सह सकी और अचानक दीवारे भरभराकर गिर गई तो बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे मरीजों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से यदि हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा।
सीएचएल अस्पताल के रिनोवेशन में नियमों की अनदेखी, जर्जर दीवारों के सहारे खड़ा किया कई टन वजनी लोहे का स्ट्रक्चर
सीएचएल अस्पताल बिल्डिंग के रिनोवेशन को लेकर जब खुलासा फर्स्ट ने पड़ताल की तो चौकाने वाले खुलासा हुआ। अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल की बिल्डिंग का रिनोवेशन कराने की नगर निगम से किसी तरह की अनुमति नहीं ली है, जबकि हाउसिंग बोर्ड की बिल्डिंग होने से गृहनिर्माण मंडल से भी अनुमति ली जानी थी, लेकिन अस्पताल के कर्ताधर्ताओं ने रिनोवेशन की किसी तरह की अनुमति नहीं ली है। इस तरह नियमों को ठेगा दिखाकर अस्पताल प्रबंधन मनमानी करते हुए अस्पताल का रिनोवेशन करा रहा है। जिससे अस्पताल में इलाज कराने वाले सैकड़ों मरीजों, परिजनों और अस्पताल कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई है। अस्पताल के रिनोवेशन को लेकर जब स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने उनको रिनोवेशन कराने की कोई जानकारी नहीं दी है।
कांग्रेसी पार्षद सोनिला मिमरोट ने भी आपत्ति जताई
नगर निगम जोन 9 वार्ड 45 में स्थित सीएचएल अस्पताल में किए जा रहे रिनोवेशन कार्य पर वार्ड की कांग्रेसी पार्षद सोनिला मिमरोट ने भी आपत्ति जताई है। पार्षद मिमरोट का कहना है कि जब मुझे अस्पताल की बिल्डिंग के रिनोवेशन की जानकारी मिली तो तत्कल अस्पताल पहुंचकर पहले मरीजो की सुरक्षा के संबंध में अस्पताल प्रबंधन से जानकारी मांगी, लेकिन प्रबंधन कोई सकारात्मक जबाब नहीं दे सका। इसके बाद जब प्रबंधन से निगम, हाउसिंग बोर्ड से ली जाने वाली अनुमति दिखाने को कहा तो उसके पास किसी तरह की अनुमति नहीं मिली। इसकी शिकायत मैने जोनल अधिकारी व निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव से की है। जिससे मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए रिनोवेशन का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
एमओएस पर कब्जा
सीएचएल अस्पताल प्रबंधन रिनोवेशन का दिखावा कर एमओएस की खाली जमीन पर अबैध निर्माण कर रहा है। अस्पताल भवन की दीवार से करीब आठ से दस फीट आगे लोहे का भारी भरकम स्ट्रक्चर लगाया गया है। इससे एमओएस की करीब दस फीट जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। इस लोहे के स्ट्रक्चर को पुरानी जर्जर बिल्डिंग की दीवारो में होलकर साधा गया है। इससे दीवारों और लोहे के स्ट्रक्चर की सुरक्षा मापदंडों पर खरी नहीं उतर रही है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन मनमानी कर रिनोवेशन के नाम पर नया निर्माण कर मनमानी कर रहा है। इससे हादसे का खतरा बढ़ता जा रहा है।
मौके पर जांच करूंगा...
आवेदन दिया है कि रिनोवेशन कर रहे है। मौके पर जाकर जांच करूंगा यदि नियम विरुद्ध निर्माण मिला तो रोका जाएगा।
- अभिषेक सिंह, जोनल अधिकारी जोन 9
मैंने निगमायुक्त को शिकायत कर काम रुकवाने को कहा है इससे हादसे का खतरा है।
- सोनिला मिमरोट, पार्षद वार्ड 45
मुझे अस्पताल बिल्डिंग के रिनोवेशन कराए जाने की जानकारी नहीं मिली है।
- डॉ. माधव हासानी, सीएमएचओ
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