इंदौर जिला जेल का वीडियो वायरल: निकला फिल्मी सेट का; जेल प्रशासन में मचा हड़कंप, इधर पुलिस जांच में जुटी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
इंदौर जिला जेल से जुड़ा बताकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो इन दिनों चर्चा में है। कई दिन से यह वीडियो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा था, जिससे जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो में कैदियों की दिनचर्या, बैरक और जेल के भीतर की गतिविधियां दिखाई गई थीं, जिसे देखकर आम लोग इसे इंदौर जिला जेल का ही मान बैठे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला जेल अधीक्षक ने तत्काल इंदौर पुलिस कमिश्नर से लिखित शिकायत की। शुरुआती जांच में जो सच सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। दरअसल, जांच में खुलासा हुआ कि वायरल वीडियो करीब एक साल पहले भोपाल में फिल्माई गई अजय देवगन की एक फिल्म के सेट का है, जो हूबहू जेल जैसा तैयार किया गया था। इसी वीडियो को एडिट कर जिला जेल इंदौर का बताकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
एडिट कर आपत्तिजनक कंटेंट के साथ किया वायरल
बताया जा रहा है कि यह वीडियो सबसे पहले भैयू डार्लिंग नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया। इसके बाद इसे अन्य इंस्टाग्राम आईडी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आपत्तिजनक कंटेंट के साथ वायरल कर दिया गया। इतना ही नहीं, भैयू डार्लिंग जीरो 3 नाम की इंस्टाग्राम आईडी पर हथकड़ी पहने हुए और पुलिस से जुड़े कुछ अन्य वीडियो भी अपलोड किए गए, जिससे लोगों ने इसे सच मान लिया।
आजाद नगर के एक व्यक्ति का भी आ रहा नाम: सूत्रों के मुताबिक आजाद नगर क्षेत्र में सोशल मीडिया चलाने वाले एक व्यक्ति ने भी इस वीडियो को अपनी आईडी पर अपलोड किया था। हालांकि बाद में उसने वीडियो हटा लिया। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने वाला व्यक्ति आपराधिक प्रवृत्ति का है।
...तब सेंट्रल जेल से जुड़ा फर्जी वीडियो हुआ था वायरल: गौरतलब है कुछ दिन पहले इसी तरह एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे सेंट्रल जेल का बताया गया और जो बाद में फर्जी निकला। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने सोशल मीडिया की भूमिका और उस पर फैल रहे भ्रामक कंटेंट को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और वीडियो फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो का उद्देश्य जानने में जुटी पुलिस
जेल प्रशासन का कहना है इस तरह के भ्रामक वीडियो न केवल जनता को गुमराह करते हैं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इसी को लेकर जेल अधीक्षक जवाहर मंडलोई ने पुलिस कमिश्नर और क्राइम ब्रांच में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
जेल अधीक्षक ने साफ कहा है कि वायरल वीडियो का जिला जेल इंदौर से कोई लेना-देना नहीं। इसे जानबूझकर जेल का बताकर फैलाया गया। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वीडियो किसने और किस उद्देश्य से एडिट कर वायरल किया। कहीं इसके पीछे कहीं कोई साजिश तो नहीं?
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