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शिर्डी से इंदौर तक यात्रियों की आफत: हंस ट्रेवल्स की बस में मुसीबत भरा सफर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर। पुणे से भोपाल आ रही हंस ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि शिर्डी के पास आरटीओ की कार्रवाई के बाद उन्ह

Khulasa First

संवाददाता

14 दिसंबर 2025, 12:26 अपराह्न
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शिर्डी से इंदौर तक यात्रियों की आफत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पुणे से भोपाल आ रही हंस ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में सफर कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों का आरोप है कि शिर्डी के पास आरटीओ की कार्रवाई के बाद उन्हें जबरन दूसरी बस में ठूंस दिया गया,

जहां क्षमता से कई गुना ज्यादा लोग बैठाए गए। हालात ऐसे रहे कि एक-एक सीट पर 5 से 6 यात्रियों को बैठकर सफर करना पड़ा।

यात्री सुरभि शर्मा ने बताया कि पुणे से शाम करीब 7 बजे रवाना हुई बस को सुबह करीब 4 बजे शिर्डी के पास आरटीओ ने रोका। इसके बाद सभी यात्रियों को नीचे उतरवा दिया। बस को कहां ले जाया गया इसकी कोई जानकारी यात्रियों को नहीं दी गई।

कुछ देर बाद हंस ट्रेवल्स की एक अन्य बस मौके पर लाई गई, जिसमें पीछे की कई बसों के यात्रियों को भी बैठा दिया गया। इससे बस में जबरदस्त भीड़ हो गई। यात्रियों को भरोसा दिलाया गया कि 20 किलोमीटर बाद दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन यह आश्वासन भी झूठा निकला।

महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
यात्रियों का कहना है कि एसी स्लीपर बस होने के बावजूद हालात बदतर थे। एक सीट पर पांच से छह लोग बैठे रहे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई।

करीब 30 से ज्यादा यात्री इसी तरह फंसे रहे। यात्रियों ने बस के अंदर की भीड़भाड़ के वीडियो और ड्राइवर से बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा की है।

बहस से बढ़ी बात, पुलिस बुलाना पड़ी
लंबे इंतजार और अनदेखी के बाद यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। पहले बहस हुई, फिर मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। यात्रियों के मुताबिक जब उन्होंने नाराजगी जताई तो उल्टा उन्हें ही केस करने की धमकी दी गई।

हालात बिगड़ने पर पुलिस को बुलाया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हंस ट्रेवल्स ने केवल इंदौर से भोपाल का 400 रुपए रिफंड दिया। पुणे से इंदौर तक झेले गए कष्ट की कोई भरपाई नहीं की गई।

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