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दलवी की दलाल इंदौरी तिकड़ी ने 50 मासूमों को ठगा

जनसुनवाई में दो बार शिकायत, क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच, पीड़ितों का कहना- जल्द कार्रवाई नहीं तो उतरेंगे सड़क पर, विदेश भागा मुख्य जालसाज खुलासा फर्स्ट…इंदौर छत्तीसगढ़ में एक दर्जन लोगों से ही पांच क

Khulasa First

संवाददाता

04 दिसंबर 2025, 1:07 अपराह्न
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दलवी की दलाल इंदौरी तिकड़ी ने 50 मासूमों को ठगा

जनसुनवाई में दो बार शिकायत, क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच, पीड़ितों का कहना- जल्द कार्रवाई नहीं तो उतरेंगे सड़क पर, विदेश भागा मुख्य जालसाज

खुलासा फर्स्ट…इंदौर

छत्तीसगढ़ में एक दर्जन लोगों से ही पांच करोड़ रुपए ठगने वाले जालसाज और उसके साथी ने इंदौरी तिकड़ी के जरिए करीब 50 लोगों से 60 लाख रुपए ठग लिए। जालसाजों ने फर्जी वेबसाईट और फर्जी दस्तावेजों के जरिए फॉरेक्स और किप्टो ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर ठगी का ऐसा तानाबाना बुना की दुगने मुनाफे और ज्यादा निवेश पर विदेश ट्रिप के लालच में भोलेभाले लोग फंस गए। ठगी के बाद मुख्य जालसाज तो विदेश भाग गया, लेकिन इंदौरी तिकड़ी मुंह छिपाती फिर रही है। अब तक दो बार जनसुनवाई में जा चुके पीडि़तों की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों का कहना जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोग उतरेंगे सड़क पर उतरने को मजबूर हो जाएंगे।

जानकारी के अनुसार पीडि़त हनी राजपाल, लक्की राजपाल, पंकज मोटवानी, साहिल सिंह होरा, इंद्रजीत सिंह, रोहित ओचानी, सन्नी होरा, राहुल, सत्यम और संकल्प मिश्रा सहित 50 लोगों ने गत मंगलवार और इससे पूर्व मंगलवार को जनसुनवाई में लिखित शिकायत की थी। दस्तावेजी साक्ष्य और मय वीडियो सबूत के सभी ने इंदौर निवासी हरप्रीत कौर खनूजा उर्फ मोना तथा वंदना ग्रोवर तथा मनमीत सिंह होरा उर्फ मोनू और की गई शिकायत में उन्होंने ए स्क्वेयर वर्ल्ड ट्रेड कंपनी के मालिक अनिरूद्ध दलवी तथा चीफ फायनेंशियल ऑफिसर जसवंत सिंह जस्सी को 58.42 लाख की ठगी का आरोपी बताया। शिकायत के बाद मामला डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी के पास पहुंचा।

पीड़ितों ने उन्हें बताया कि ठग गिरोह के मुखिया अनिरुद्ध दलवी पर छत्तीसगढ़ के टिकरापारा में 12 लोगों से करीब पांच करोड़ की ठगी का केस दर्ज हो चुका है। मुख्य आरोपी अनिरुद्ध दलवी मलेशिया भाग चुका है। वे लोग हरप्रीत कौर खनूजा उर्फ मोना तथा वंदना ग्रोवर तथा मनमीत सिंह होरा उर्फ मोनू के घर भी गए थे। ये जालसाज तिकड़ी भी गायब है।

बताते हैं डीसीपी ने जांच पहले एक महिला अफसर को जांच दी गई थी। बाद में ये जांच टीआई सुजीत श्रीवास्तव को दे दी गई। पीड़ित अब तक डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी से दो बार मिल चुके हैं। मामले में कुछ पीड़ितों के कथन हो चुके हैं। बावजूद इसके अब कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ितों का कहना है कि मंगलवार को जनसुनवाई में तख्तियां हाथों में लेकर पुलिस कमिश्नर से कार्रवाई की मांग करेंगे।

ये बताई दोगुने मुनाफे की झांसे वाली स्कीम
खुलासा फर्स्ट को पीड़ितों ने बताया कि हरप्रीत कौर खनूजा, वंदना ग्रोवर और मनमीत सिंह होरा उर्फ मोनू हमसें अलग-अलग मिले और अनिरुद्ध दलवी की कंपनी के बारे में बताया। हरप्रीत कौर ने स्वयं को कंपनी में इंदौर का टीम लीडर व प्रभारी बताया। वंदना ग्रोवर और मनमीत उर्फ मोनू ने स्वयं को कंपनी में इन्वेस्टमेंट इंचार्ज बताया। बताया कि कंपनी का नेटवर्क 13 देशों और भारत के लगभग सभी राज्यों में फैला है। कंपनी में न्यूनतम निवेश 100 अमेरिकन डालर होगा, जो कि भारतीय रूपये के मान से कम से कम 100 दिनों के लिए होगा और ये नकद होगा।

रुपए हम तीनों को देना होगा। उन्होंने निवेश पर रोजाना (शनिवार व रविवार छोड़कर) 2 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। बताया मुनाफा नहीं लेने पर वह पुन: कंपनी में निवेश हो जाएगा। ये भी बताया कि कंपनी के नियमानुसार मुनाफा गुरुवार और शुक्रवार को ही विड्रॉल किया जा सकता है। विड्रॉल राशि रिक्वेस्ट भेजने के अगले आठ दिनों में सीधे बैंक खाते में आएगी। साथ ही कंपनी मुनाफे पर 7 प्रतिशत सर्विस चार्ज लेगी।

नामी होटलों में जमाई जालसाजी की चौपाल: पीड़ितों का कहना था कि हमें झांसे में लेने के लिए आरोपियों ने पहली मिटिंग 2 जनवरी 2025 को होटल रेडिसन में रखी थी, जिसमें अनिरूद्ध दलवी और जसवंत सिंह जस्सी भी थे। बाद में 25 जनवरी को सेमिनार रेडिसन होटल में सेमिनार हुआ। इसमें भी दलवी और जस्सी थे। आरोपियों ने कंपनी की फर्जी वेबसाइट दिखाई। दलवी और जस्सी सेमिनार में पूरी स्कीम विस्तृत रूप से समझाई। झांसे में आकर हम लोगों ने बताई लिंक पर कंपनी से जुड़कर निवेश किया, जिसमें जमा पैसे और मुनाफा डॉलर में दिखाया जाता था।

इसके बाद 18 मार्च को होटल मेरिएट में सेमिनार हुआ, जिसमें अनिरुद्ध दलवी, जसवंत सिंह और हरप्रीत कौर ने बताया कि कंपनी की नई पॉलिसी अनुसार 1 अप्रैल से अब मुनाफा 2 के बजाय 1 प्रतिशत प्रतिदिन होगा, यानि ज्यादा मुनाफे के लिए ज्यादा से ज्यादा निवेश करना होगा। ज्यादा निवेश का झांसा देने के लिए तीनों ने ज्यादा मुनाफा, विदेश ट्रीप और मोबाइल गिफ्ट करने का लालच दिया। झांसे में आकर लोग निवेश करने लगे।

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