रणजीत हनुमान के दरबार से होगी इंदौरियों के नव वर्ष की शुरुआत
20 से 25 मिनट में बाबा रणजीत के दर्शन कर सकेंगे भक्त आस्था का सैलाब ‘विजय’ के संकल्प के साथ उमड़ेगा ढाल-तलवार वाले वीर स्वरूप के दर्शन को जुटेंगे भक्त मंदिर में की जाएगी विशेष सुरक्षा और दर्शन व्यवस्थ
Khulasa First
संवाददाता

20 से 25 मिनट में बाबा रणजीत के दर्शन कर सकेंगे भक्त
आस्था का सैलाब ‘विजय’ के संकल्प के साथ उमड़ेगा
ढाल-तलवार वाले वीर स्वरूप के दर्शन को जुटेंगे भक्त
मंदिर में की जाएगी विशेष सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था
हेमंत उपाध्याय 99930-99008 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
रणजीत का अर्थ है युद्ध को जीतने वाला। मान्यता है कि युद्ध के साथ किसी महत्वपूर्ण कार्य में जीत का वरण करने के लिए राजा-महाराजा रणजीत हनुमान के दर्शनों और उनका आशीर्वाद लेने आते थे। यह क्रम समय के साथ गहरा होता गया।
शहर के पश्चिम क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक रणजीत हनुमान मंदिर में भी अंग्रेजी नववर्ष 2026 की पूर्व संध्या और सूरज की पहली किरण फूटने से पहले ही भक्तों का बाबा रणजीत की एक झलक पाने के लिए अपार सैलाब उमड़ेगा।
बाबा के भक्त मानते हैं कि पहले ही दिन यही रण को जीतने वाले भगवान के दर्शन हो जाएं तो फिर पूरा साल जीवन में आने वाली बाधाओं को उनके आशीर्वाद से दूर किया जा सकेगा।
अंग्रेजी नव वर्ष की शुरुआत गुरुवार को- रणजीत हनुमान मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने खुलासा फर्स्ट को नव वर्ष पर भक्तों के लिए किए जा रहे प्रबंधों की विस्तार से जानकारी दी।
पंडित दीपेश व्यास के अनुसार अंग्रेजी नव वर्ष की शुरुआत गुरुवार को हो रही है। आम तौर पर मंगलवार और शनिवार को ही भक्तों की खासी भीड़ रहती है। इसके बावजूद मंदिर प्रबंध समिति और जिला प्रशासन सुगम दर्शनों के लिए विशेष योजना बना रहा है।
सुबह साढ़े पांच बजे खुलता है मंदिर और रात साढ़े ग्यारह बजे बंद होते हैं पट- पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि आम तौर पर रणजीत हनुमान मंदिर के पट सुबह साढ़े पांच बजे खोल दिए जाते हैं और रात साढ़े ग्यारह बजे तक भक्त बाबा रणजीत के दर्शन कर सकते हैं। यही व्यवस्था नव वर्ष की पूर्व संध्या और नव वर्ष के पहले दिन भी रहेगी, ताकि भक्तों को असुविधा न हो।
पंडित दीपेश व्यास के अनुसार ऐसे इंतजाम किए जा रहे हैं कि कतार में लगे भक्तों को 20 से 25 मिनट में भगवान रणजीत के दर्शन हो सकें। भक्तों की सुविधा के लिए कार्यकर्ता और सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे।
अपनाया जाएगा जिग- जैग पैटर्न
भक्तों को सुगमता से दर्शन हो सकें और इंतजाम भी दुरुस्त रहें इसके लिए जिग- जैग पैटर्न अपनाया जाएगा। भीड़ प्रबंधन इस प्रभावी प्रणाली में दर्शनार्थियों को लंबी कतार के बजाए टेढ़े-मेढ़े रास्तों से बाबा रणजीत की प्रतिमा के सामने पहुंचाया जाता है।
मेटल डिटेक्टर लगाने की योजना
दीपेशजी के मुताबिक मंदिर में प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाने का प्रस्ताव कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर के साथ बैठक में रखा गया है। इससे भक्तों की सुरक्षा तो पुख्ता होगी ही, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का भी पता चल सकेगा।
मंगलवार-शनिवार की दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाना आवश्यक
मुख्य पुजारी के अनुसार मंगलवार और शनिवार को रात आठ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक अपार जनसमुदाय रणजीत हनुमान मंदिर में उमड़ता है। इस दौरान एकाधिक बार प्रबंध नाकाफी दिखाई देते हैं। इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि यहां आने वाले भक्तों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। प्रभातफेरी में उमड़े जनसैलाब से प्रसन्न दीपेशजी ने कहा कि सभी के सहयोग से यह संभव हो सका। रणजीत महोत्सव अब देश के साथ विदेश में आस्था का केंद्र बन चुका है।
रणजीत हनुमान मंदिर एक नजर में
मंदिर में हनुमान जी हाथ में ढाल और तलवार धारण किए हुए हैं। उनके चरणों में अहिरावण का दमन करते हुए दिखाई देता है। यह स्वरूप अनूठा और दुर्लभ है।
रणजीत हनुमान की प्रतिमा का मुख आग्नेय यानी दक्षिण-पूर्व दिशा की तरफ है। मान्यता है कि यह शुभ और ऊर्जा देने वाला है।
रणजीत हनुमान मंदिर सवा सौ से डेढ़ सौ वर्ष पुराना बताया जाता है। कभी निर्जन जगह पर इसकी स्थापना की गई थी। कुश्ती के शौकीन पहलवान अल्हड़सिंह भारद्वाज ने इसे स्थापित किया था। मंदिर परिसर में ही अखाड़ा भी बनाया गया था।
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