मौत के मातम पर मौज, इंदौर आरटीओ: मृतक के परिजन की अनुमति बगैर दलालों ने कर दिया खेल
Khulasa First
संवाददाता

संतोष की मौत के बाद उसकी कार साजिद के नाम हो गई ट्रांसफर
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर का आरटीओ दफ्तर मानों सरकारी नहीं, एक संगठित दलाली सिंडिकेट का अड्डा बन चुका है, जहां इंसान की मौत भी अब दलालों के लिए धंधा बन गई है। यहां कानून नहीं, नोट बोलते हैं और बाबू, अफसर, दलाल तीनों मिलकर कमाई का खेल खेल रहे हैं। मामला संतोष नामक व्यक्ति की कार से जुड़ा है। संतोष की मौत के 11 महीने बाद उसकी कार बिना उसके परिजन की जानकारी में लाए और बिना एनओसी साजिद नामक व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दी गई। सवाल ये नहीं कि यह कैसे हुआ, सवाल ये है कि यह किसके इशारे पर हुआ? इंदौर आरटीओ में दलाल, बाबू और अफसर मिलकर कानून व नैतिकता का जमकर मखौल उड़ा रहे हैं।
आरटीओ के फर्जीवाड़े का दो केस में पहले भी हो चुका खुलासा
इंदौर आरटीओ में दलालों की पगड़ी, बाबुओं की कलम और अफसरों की चुप्पी मिलकर किसी भी मृतक की गाड़ी मिनटों में ‘जिंदा’ कर देती है और किसी भी जालसाज तक पहुंचा देती है। कागजों में मौत को दबा देना और रिकॉर्ड में नई कहानी लिख देना, यहां सिर्फ एक दस्तखत का सौदा है। सवाल यह है कि जब मृत व्यक्ति की गाड़ी इस तरह किसी अन्य के नाम हो सकती है, तो जिंदा लोगों के दस्तावेज किस दर पर बिकते होंगे? यह कोई गलती नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक क्राइम मॉडल है, जहां मौत पर भी कमाई का खेल खेला जाता है।
यह है मामला: मंगल नगर निवासी संतोष मालवीय के पास आई20 कार (एमपी सीक्यू 4305) थी, जिस पर बजाज फाइनेंस का लोन चल रहा था। 7 जुलाई 2021 को संतोष की मौत के बाद पूरा परिवार सदमे में था, लेकिन पत्नी मीरा ने पति की आखिरी निशानी समझकर कार की किस्तें भरना जारी रखा। बजाज की रिकॉर्डिंग के अनुसार 4 लाख के लोन में से सिर्फ तीन किस्तें बाकी थीं। अचानक 29 मार्च 2022 को संतोष के पुत्र आर्यन के साथ लसूड़िया इलाके में वारदात हुई। बदमाशों ने उसकी आई20 छीन ली और फरार हो गए।
रिपोर्ट दर्ज हुई, पर असली खेल बाद में शुरू हुआ। मीरा जब आरटीओ पहुंची तो पता चला, जो कार फाइनेंस कंपनी ने कब्जे में लेकर यार्ड में खड़ी की थी, उसे आरटीओ ने 20 जून 2022 को बिना नॉमिनी की अनुमति, बिना वैध दस्तावेज और बिना किसी सत्यापन के साजिद पटेल के नाम ट्रांसफर कर दिया। इस गोरखधंधे में फर्जी एनओसी 5 मई 2022 की बनाई गई, जिस पर एक आधार कार्ड (6792-6996-0571) लगाया गया, जो किसी अब्दुल कयामत अंसारी के नाम का है। जांच में खुलासा हुआ कि यह आधार कार्ड असल मालिक का नहीं था और इसे सिर्फ काम निकालने के लिए चिपका दिया गया था।
पति की आखिरी याद को चोरी कर बेच दिया
जब मीरा ने आरटीओ में लिखित शिकायत की तो महीनों तक कोई जवाब नहीं मिला। उलटा बाबुओं ने अधूरी सूचना देकर पीड़िता को और उलझा दिया। थककर 9/5/23 को उन्होंने आरटीआई लगाई और फिर उसकी अपील राज्य सूचना आयोग तक पहुंची, जहां से 25/7/2025 को इंदौर कलेक्टर और आरटीओ को आदेश जारी हुआ, लेकिन यह आदेश भी आरटीओ के भ्रष्ट नेटवर्क के आगे बौना साबित हुआ। किसी ने कोई जानकारी देना जरूरी नहीं समझा। यह वही विभाग है, जहां दलाली और दस्तावेज चोरी रोजमर्रा की संस्कृति बन चुकी है। पीड़िता मीरा का आरोप साफ है, पति की आखिरी याद को चोरी कर बेच दिया गया और यह धंधा केवल दलाल नहीं, बल्कि आरटीओ के बाबुओं और अफसरों की मिलीभगत से हुआ। सवाल यह है कि जब मृतक के नाम की कार फर्जी कागजों से ट्रांसफर हो सकती है, तो जिंदा लोगों की संपत्ति कितनी सुरक्षित है?
आरटीओ अब ‘दलाली ट्रांसफर ऑफिस’!
इंदौर आरटीओ की वर्तमान छवि किसी सरकारी कार्यालय की नहीं, बल्कि स्मार्ट सिटी में पनपे एक संगठित अपराध नेटवर्क की है। मृतक की कार, फर्जी दस्तावेज, आधार कार्ड की चोरी, दलाल-बाबू-फाइनेंस कंपनियों की मिलीभगत सब एक ही कहानी कहते हैं यहां इंसानियत सस्ती है, दलाली महंगी।
दलाल-क्लर्क-गैंग का फर्जी एनओसी रैकेट
दो साल पहले मल्हारगंज पुलिस ने बंटी गोधा, दलाल रिजवान, आरटीओ क्लर्क अतुल वर्मा, इमरान व विनय सेठिया पर केस दर्ज किया था। दीपक प्रजापति ने कार (एमपी 11 सीसी 1542) किराए पर दी थी, जिसे आरोपी ने हड़प लिया व फर्जी एनओसी लगाकर मंदसौर में बेच दिया।
जून 2022 को फर्जी दस्तावेजों से वाहन ट्रांसफर
एआरटीओ यादव के सामने तब मामला आया, जब एक युवक हर्षित की बेची गई बाइक के नामांतरण में देरी पर फाइल बुलवाई गई तो पाया कि एनओसी नकली थी। यह सिंडिकेट इतना प्रोफेशनल है कि फाइल, एनओसी, हस्ताक्षर सब कुछ चंद सेकंड में बना देता है।
संबंधित समाचार

सिम एक्टिवेशन के नाम पर साइबर ठगी:आईटी कर्मचारी के खाते से लाखों उड़ाए

जहरीले पानी से मरने वालों के घर पहुंची कांग्रेस:मृतकों के परिजन ने कहा- हादसे के दोषियों को सजा मिलना चाहिए

देखिए वीडियो, राजघाट पहुंचा विपक्ष:इन नेताओं को अंदर जाने की अनुमति; बापू को दी श्रद्धांजलि, सीईसी के इस्तीफे पर तीसरे दिन भी प्रदर्शन

देखिए वीडियो, सर्वपितृ अमावस्या पर मुस्लिम महिला करेगी पितृ तर्पण:पूर्वजों के सम्मान का लिया संकल्प

फिटनेस व्यवस्था हुई ठप चालकों की ‘चेकिंग’ तेज:सरकारी वेबसाइट पर फिटनेस सुविधा महीनों से बाधित होने का दावा

एमटी क्लॉथ मार्केट में बंपर अमृत उपहार योजना का मुख्य ड्रॉ संपन्न:व्यापारियों को मिले 251 आकर्षक उपहार; दलालों के लिए रखे गए थे 31 विशेष पुरस्कार

मध्यप्रदेश में निवेश करेगा आरपीजी समूह:ट्रांसमिशन, टायर,आईटी सेक्टर पर सीएम डॉ. मोहन यादव से हर्ष गोयनका की चर्चा

चाचा 420 की साजिश का शिकार आरिफ अली:एक बार एनडीपीएस एक्ट के झूठे केस में फंसा चुका; फिर दे रहा धमकी

बैंक बिल्डिंग के जर्जर छज्जे हटाए:प्लास्टर गिरने के बाद निगम की कार्रवाई; समय-सीमा में नहीं हुआ काम

नकली तंबाकू का नेटवर्क खंगाल रही सराफा पुलिस:आरोपी ने लिया कृष्णा ट्रेडर्स का नाम; पैकिंग रोल और लेबल के स्रोत की भी होगी जांच

कार से टक्कर के बाद बाइक सवार नशेड़ी ने फोड़ा कांच:घटना के बाद दोनों पक्ष को थाने ले गई पुलिस; मारपीट का वीडियो वायरल

गैंगस्टर सतीश भाऊ और उसके गुर्गों के खिलाफ क्राइम ब्रांच में दर्ज हुई शिकायत:लाखों रुपए वसूलने के मामले में; प्रॉपर्टी सेटलमेंट के नाम पर लिए, अब धमका रहे हैं फरियादी को

टूरिज्म फीलिंग नहीं हीलिंग भी:सीएम डॉ. मोहन यादव

जय श्रीकृष्ण या 'जेएसके' या जय श्रीकृष्णा

दोस्तों के साथ ओडिशा गया गणेश लापता:जांच पर उठे सवाल

ड्रग्स तस्करी की 48.50 लाख की कमाई पर सफेमा का शिकंजा:पहले से 13 केस दर्ज; जिनमें से तीन एनडीपीएस एक्ट के

पेट्रोल पंप से की रेकी और रास्ते में लूट लिया:काका तमने जो नोट दिया वी नकली है कहकर रोका था किसान को

बंटी नागर खुदकुशी कांड में बॉबी छाबड़ा की हुई एंट्री:मामला छोटा बांगड़दा हाईराइज बिल्डिंग के 35 करोड़ के लेनदेन का

चंदर की मौत का गुस्सा:कोर्ट में बदमाश सूरज जाट पर बरसीं चप्पलें

तस्कर रेहान गिरफ्तार पुलिस ने आखिरकार दबोचा:नाना के ड्रग्स नेटवर्क की अहम कड़ी
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!