खबर
टॉप न्यूज

इंदौर में फर्जी वोटर घोटाला, खाली प्लॉट पर दर्जनों नाम: बीएलओ की लापरवाही से एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। उषागंज क्षेत्र की वोटर लिस्ट में न केवल खाली प्लॉटों पर पूरे परिवारों को मतदात

Khulasa First

संवाददाता

04 दिसंबर 2025, 2:22 अपराह्न
2 views
शेयर करें:
इंदौर में फर्जी वोटर घोटाला, खाली प्लॉट पर दर्जनों नाम

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। उषागंज क्षेत्र की वोटर लिस्ट में न केवल खाली प्लॉटों पर पूरे परिवारों को मतदाता के रूप में दर्ज किया गया, बल्कि कई ऐसे नाम भी जोड़े गए जो उन पतों पर कभी रहे ही नहीं। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की कथित लापरवाही ने पूरी चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं ने इसे फर्जी वोटिंग की साजिश बताया, जबकि बीएलओ ने सफाई दी कि ऐसे नामों को ‘शिफ्ट कैटेगरी’ में डाला जा रहा है। मामले में प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है।

मामले का खुलासा तब हुआ, जब वार्ड-55 की भाजपा पार्षद पंखुड़ी जैन डोसी ने कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी को शिकायत की। इसमें आरोप लगाया गया कि जोन-11 के तहत बूथ-178 और 179 में बीएलओ ने एक ही जगह बैठकर फॉर्म वितरित किए, जबकि निर्देश अनुसार घर-घर जाकर फॉर्म बांटना और सत्यापन करना था। इससे वे लोग भी फॉर्म भरकर जमा कर रहे हैं, जो दिए गए पते पर रहते ही नहीं। भौतिक निरीक्षण न होने से फर्जी पतों पर नाम जुड़वाने का खेल चल रहा है।

शिकायतकर्ता भाजपा नेता सुमित तलेजा ने इसे ‘गंभीर चुनावी धांधली’ बताया। उन्होंने कहा यह चूक नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट को प्रभावित करने का प्रयास है। हमने एक व्यक्ति को बुलाया, जिसने उषागंज का पता लिखा था। मौके पर पहुंचे तो वहां खाली प्लॉट पर सिर्फ बोरिंग किया हुआ पाया गया। उक्त प्लॉट पर बना मकान दिसंबर 2023 में नगर निगम ने गिरा दिया था। तलेजा के पास सबूत के तौर पर वीडियो है, जिसमें आरोपी स्वीकार करते हैं कि वे आजाद नगर या गुलजार कॉलोनी में रहते हैं, फिर भी उषागंज गली नंबर-1 में नाम जोड़े गए।

फिरोज, यूनुस खान सहित कई नाम बार-बार जुड़ रहे
शिकायत में जिन नामों का जिक्र है, उनमें फिरोज, मोहम्मद यूनुस खान, उसकी पत्नी नूरजहां बी, रूबीना बी सहित पूरा परिवार खुद को उसी खाली प्लॉट का निवासी बता रहा है। ये नाम पहले ही लिस्ट से हटाए गए थे, लेकिन संबंधितों द्वारा कलेक्टर कार्यालय जाकर फर्जी दस्तावेजों से फिर जुड़वा लिए जाते हैं। इसी तरह अब्दुल, सायरा बानो, इम्तियाज, फैजल जैसे कई नामों की सूची संलग्न है, जो कथित फर्जी पतों पर दर्ज हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि वोटर लिस्ट में संगठित तरीके से रहे इस खेल से चुनाव पर असर पड़ सकता है।

बीएलओ ने कहा- शिफ्ट कैटेगरी में डालेंगे
संबंधित बीएलओ रोशन रहमान ने सफाई दी कि मुझे सभी को फॉर्म देने के निर्देश थे और मैंने घर-घर जाकर बांटे। गलत पते वाले मामलों को शिफ्ट कैटेगरी में डाल रहे हैं। नाम हटाने का अधिकार ऑनलाइन सिस्टम में नहीं, तकनीकी प्रक्रिया से होता है। वहीं शिकायतकर्ता तलेजा का कहना है अगर निरीक्षण ही नहीं, तो शिफ्ट कैसे तय होगा? यह फर्जीवाड़ा रोकना जरूरी है। यदि कार्रवाई न हुई तो वे भारत निर्वाचन आयोग को रिपोर्ट भेजेंगे।

एसआईआर का उद्देश्य विफल
यह समस्या उषागंज तक सीमित नहीं। एसआईआर के दौरान इंदौर में मैपिंग त्रुटियां हुईं। कई वोटरों के नाम गलत बूथ या पते से जुड़े। एक कानूनी याचिका में दलील दी गई कि हजारों मतदाताओं का पता भवन क्रमांक 0 दर्ज है, जो अस्पष्ट है। कुछ बूथों पर मतदाता संख्या मात्र 40 है, जबकि शहर में 1200 की सीमा के बजाय 1761 मतदान केंद्र बने, जो नियमों का उल्लंघन है। विशेषज्ञों का कहना है कि एसआईआर का मकसद लिस्ट शुद्धिकरण है, लेकिन ऐसी लापरवाही से लोकतंत्र कमजोर होता है।

निर्वाचन आयोग की निगरानी में हो काम
प्रशासन ने पांच बिंदुओं पर कार्रवाई का भरोसा दिया- सत्यापन, नाम हटाना, बीएलओ जांच, मैपिंग सुधार और फॉलोअप। सवाल यह है कि क्या इंदौर की वोटर लिस्ट अब शुद्ध होगी या फर्जीवाड़ा इसी तरह जारी रहेगा? इस पूरे मामले पर निर्वाचन आयोग की निगरानी बेहद जरूरी है।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!