इंदौर में हूटर-बत्ती वाली गाड़ियों का आतंक, परिवहन विभाग बेखबर: हाई कोर्ट में खाली हाथ पहुंचे शासन के वकील, अब उपायुक्त तलब
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर की सड़कों पर हूटर और बत्ती लगी निजी गाड़ियां खुलेआम दौड़ रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग को मानो कुछ दिख ही नहीं रहा। नियम विरुद्ध इन वाहनों पर कार्रवाई को लेकर दायर जनहित याचिक
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की सड़कों पर हूटर और बत्ती लगी निजी गाड़ियां खुलेआम दौड़ रही हैं, लेकिन परिवहन विभाग को मानो कुछ दिख ही नहीं रहा। नियम विरुद्ध इन वाहनों पर कार्रवाई को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई कल हुई, जिसमें परिवहन विभाग की लापरवाही खुलकर सामने आ गई।
हाई कोर्ट ने परिवहन विभाग से हलफनामा मांगा था कि शहर में अवैध हूटर-बत्ती हटाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए, लेकिन शासन के वकील बिना किसी रिपोर्ट के ही कोर्ट में हाजिर हो गए। इस गैर गंभीर रवैये से नाराज हाई कोर्ट ने परिवहन विभाग के उपायुक्त को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देने का सख्त आदेश दिया है।
प्रशासनिक जज विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव पैरवी कर रहे हैं। कोर्ट पहले ही ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ को आदेश दे चुका है कि निजी गाड़ियों में लगे हूटर और बत्ती पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
परिवहन विभाग ने इंदौर में सिर्फ इक्का-दुक्का गाड़ियां ही चिह्नित की हैं, जबकि दर्जनों गाड़ियां प्रदेश के अन्य जिलों में मिलने का दावा किया गया है।
इसके उलट शहर में मंत्रियों या वीआईपी के मूवमेंट के दौरान दर्जनों निजी गाड़ियां हूटर बजाते हुए बेधड़क घूमती दिखाई देती हैं। इससे साफ है कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है और अवैध हूटर-बत्ती का खेल शहर में बदस्तूर जारी है।
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