खबर
टॉप न्यूज

इंदौर मेट्रोपोलिटन अब 14 हजार वर्ग किलोमीटर का, रतलाम भी जुड़ा: मुख्यमंत्री बोले- इंदौर देश के अग्रणी महानगरों में होगा शामिल

देश का बड़ा व्यापार-उद्योग-पर्यटन हब बनाने की तैयारी खुलासा फर्स्ट, इंदौर । यहां के भौगोलिक इतिहास को लेकर आयोजित बेहद महत्वपूर्ण बैठक में इंदौर के मेट्रोपोलिटन एरिया में रतलाम को भी शामिल करने का निर्

Khulasa First

संवाददाता

15 दिसंबर 2025, 8:14 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
इंदौर मेट्रोपोलिटन अब 14 हजार वर्ग किलोमीटर का, रतलाम भी जुड़ा

देश का बड़ा व्यापार-उद्योग-पर्यटन हब बनाने की तैयारी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
यहां के भौगोलिक इतिहास को लेकर आयोजित बेहद महत्वपूर्ण बैठक में इंदौर के मेट्रोपोलिटन एरिया में रतलाम को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। इसके चलते अब कुल मेट्रोपोलिटन एरिया 14 हजार वर्ग किमी का हो गया। इसमें उज्जैन, देवास, धार, नागदा, बदनावर और शाजापुर-मक्सी वैसे ही जुुड़े थे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा पांच से अधिक बड़े रेलवे जंक्शन, एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, उज्जैन व रतलाम के भविष्य के एयरपोर्ट, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन को आधार बना इंदौर को देश का बड़ा व्यापार-उद्योग-पर्यटन हब बनाने की योजना है।

कल ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर (बीसीसी) में इंदौर का नया दौर थीम पर आयोजित बैठक में इंदौर के विकास को नई गति देने की रूपरेखा तैयार की गई। मुख्यमंत्री ने कहा यह बैठक इंदौर विकास की दिशा में मील का पत्थर होगी। तय समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाएं धरातल पर उतरेंगी और इंदौर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी महानगरों में शामिल होगा।

पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि का होगा रिडेंसिफिकेशन
पलासिया स्थित पीडब्ल्यूडी की 12 हेक्टेयर भूमि के पुनर्घनत्वीकरण का निर्णय लिया। डॉ. यादव ने इसके प्लान में विशेष रूप से ग्रीनरी, हवा की गुणवत्ता और खुले स्थानों को संरक्षित करने पर जोर दिया।

एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड और नए खेल मैदान
मुख्यमंत्री ने कहा इंदौर खेलों की राजधानी है। इंदौर में एस्ट्रोटर्फ मैदान, नए खेल मैदान और आधुनिक स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह शहर को खेल महाकुंभ और राष्ट्रीय टूर्नामेंटों का केंद्र बनाएगा।

इंदौर-पीथमपुर इकॉनॉमिक कॉरिडोर
मुख्यमंत्री ने इंदौर-पीथमपुर इकॉनॉमिक कॉरिडोर की समीक्षा भी की। उन्होंने इसके निर्माण को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीद्वय कैलाश विजयवर्गीय, तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी सुझाव दिए। सावन सोनकर, प्रताप करोसिया, गौरव रणदिवे, सुमित मिश्रा, श्रवण चावड़ा सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

बैठक में विधायक मधु वर्मा, महेंद्र हार्डिया, मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला व गोलू शुक्ला, जिपं अध्यक्ष रीना मालवीय, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव नगरीय विकास एवं आवास संजय दुबे, प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कमिश्नर नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे, सचिव गृह अभिषेक सिंह, एमडी मेट्रो कृष्ण चैतन्य, एमडी एमपीआईडीसी चंद्रमौलि शुक्ला, आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव आदि उपस्थित थे।

शहर के यातायात के लिए एलिवेटेड कॉरिडोर जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा एलिवेटेड कॉरिडोर शहर के यातायात के लिए अतिमहत्वपूर्ण है। इसका निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाए। एलिवेटेड कॉरिडोर के जंक्शन, रोटरी, लंबाई आदि पर शीघ्र तकनीकी व जनप्रतिनिधियों की बैठक कर अंतिम डिजाइन तय करें।

बीआरटीएस हटने के बाद शहर में नए वैज्ञानिक ट्रैफिक सर्वे के आधार पर एकीकृत ट्रैफिक प्लान तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह परियोजना 50 वर्षों तक इंदौर की ट्रैफिक समस्या का स्थायी समाधान देगी।

स्मार्ट इंदौर आईटी, सीसीटीवी, फ्यूचर रेडी सिस्टम
बैठक में इंदौर शहर को फ्यूचर रेडी बनाने के लिए निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सीसीटीवी नेटवर्क स्थापना, उन्नत आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, ई-बस प्रोजेक्ट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लागू करने आदि पर कार्य के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जनसहभागिता आधारित सीसीटीवी नेटवर्क स्थापित होगा।

13690 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां 60 हजार कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी एकीकृत कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग होगी। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी सीसीटीवी निगरानी नेटवर्क रहेंगे। पीएम ई-बस सेवा का संचालन किया जाएगा। इसके तहत 270 ई-बसें चलाई जाएंगी। बसें मार्च-2026 से चलन लगेंगी।

स्टार्टअप पार्क और अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर
बैठक में एमआर-10 के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप पार्क और कन्वेंशन सेंटर की स्थापना का निर्णय लिया गया। भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने को तैयार है। यह इंदौर को मध्यभारत का सबसे बड़ा इनोवेशन सेंटर बनाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कन्वेंशन सेंटर को नई दिल्ली के भारत भवन की तर्ज पर विकसित किया जाए।

बताया गया कि कन्वेंशन सेंटर की लागत 550 से 600 करोड़ के लगभग है। इसे तीन वर्ष में पूर्ण किया जाएगा। संचालन पीपीपी के माध्यम से होगा। इसकी इनडोर क्षमता 5 हजार और आउटडोर क्षमता 10 हजार रहेगी।

हुकुमचंद मिल परियोजना
हुकुमचंद मिल की भूमि का पंजीयन मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के नाम पर हो गया है। भूमि हस्तांतरित कर दी गई है। 17.5 हेक्टेयर इस भूमि के विकास के लिए डीपीआर तैयार हो गई है। तीन वर्षों में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इस भूमि का ऐसा विकास किया जाए, जो देश के लिए मॉडल हो। इसमें देश के शीर्षस्थ नियोजकों की मदद ली जाए। बड़े निवेशकों को भी निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

विश्वविद्यालय बनेंगे रोजगार केंद्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिल रही है। प्रदेश में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। यहां रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। प्रयास किए जाएं कि मध्य प्रदेश में रोजगार देने वाले विश्वविद्यालय स्थापित हों, जो शिक्षा के साथ रोजगार देने का केंद्र भी बनें।

उन्होंने कहा मालवा क्षेत्र में फूड पार्क विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। यहां मेडिकल टूरिज्म, वेलनेस सेंटर, आईटी क्षेत्र में भी निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।

इंदौर बनेगा महानगर, भविष्य की इमारतें विकास पर खड़ी होंगी: डॉ. यादव
शून्य से शिखर सम्मान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा इंदौर का मेट्रोपोलिटन का नक्शा बना है, जो भविष्य की योजना को साकार करेगा। भविष्य की दृष्टि से महानगर की श्रेणी में इंदौर का जो क्षेत्र बनेगा, उसी आधार पर भविष्य की इमारतें खड़ी होंगी और निर्माण का अगला पड़ाव तय होगा।

पांच साल के अंदर विकास परक बजट डबल किया जाएगा। उन्होंने कहा अभी नए अवसर तलाशने और बेहतर तकनीक से जुड़ने की आवश्यकता है। ड्रोन टेक्नोलॉजी से लेकर सेमी कंडक्टर तक, आईटी से लेकर हेल्थ तक, इन्फ्रास्ट्रक्चर से वेलनेस और टूरिज्म तक, हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारियां जारी हैं। मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने में शासन पीछे नहीं रहेगा।

नए एमवाय अस्पताल भवन का भूमिपूजन- 1450 बिस्तरों वाले एमवाय अस्पताल के नए भवन का भूमिपूजन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में देश और प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है।

महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय परिसर में 773.07 करोड़ रुपए से 1450 बिस्तरीय अस्पताल के नवीन भवन निर्माण कार्य के भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा जिस तरह इंदौर शहर हमारे प्रदेश का गौरव है, उसी तरह एमवाय अस्पताल की भी मध्य प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान है।

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग को मिलाकर इस विभाग को और सशक्त बनाया गया है। एमवाय अस्पताल में बोनमैरो ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को नए अस्पताल भवन के निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

ऐसा होगा नया एमवाय अस्पताल-मप्र भवन विकास निगम द्वारा निर्मित किए जाने वाले नए अस्पताल भवन में मेडिसिन वार्ड में कुल 330 बिस्तर, सर्जरी विभाग में 330 बिस्तर, ऑर्थोपेडिक्स विभाग में 180 बिस्तर, शिशु रोग सर्जरी विभाग में 60, शिशु रोग वार्ड में 100, न्यूरो सर्जरी में 60, नाक-कान-गला विभाग में 30, दंत रोग विभाग में 20, त्वचा रोग विभाग में 20, मातृ एवं शिशु वार्ड में 100, नेत्र वार्ड में 80 तथा इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 180 बिस्तरीय सुविधा उपलब्ध रहेगी।

नए अस्पताल भवन में 1450 बिस्तरीय वार्डों के निर्माण पर 528 करोड़ रुपए व्यय होंगे। इसके अलावा 550 बिस्तरीय नर्सिंग होस्टल के निर्माण पर 21.37 करोड़ रुपए, 250 सीटर मिनी ऑडिटोरियम के निर्माण पर 1.60 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।

इंदौर के विकास का बनेगा समन्वित प्लान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा इंदौर और आस-पास का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। यहां यातायात सुगम बनाने तथा यातायात से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए समन्वित प्लान तैयार किया जाए। यह प्लान जोनल स्तर पर भी हो। इसमें परिवहन, मेट्रो, यातायात, पुलिस, स्थानीय निकाय, जिला प्रशासन तथा निर्माण से जुड़े विभागों आदि को भी शामिल करें।

बैठक में मास्टर प्लान की सड़कों के निर्माण को गति देने के लिए निर्णय लिया गया कि बेटरमिन चार्ज का युक्तियुक्तकरण किया जाए। साथ ही मिसिंग लिंक्स के निर्माण को गति दी जाए। शीघ्र ही पश्चिमी और पूर्वी बायपास का निर्माण प्रारंभ किया जाएगा। पश्चिमी बायपास की कुल लंबाई 68 किलोमीटर रहेगी। इसी तरह पूर्वी बायपास की लंबाई 83.63 किलोमीटर होगी।

स्लम-फ्री इंदौर और आवास योजना
आगामी तीन वर्षों में डेढ़ लाख घर बनाए जाएंगे। इसके लिए वर्तमान में 10 स्थानों के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!