इंदौर-उज्जैन मेट्रो की डीपीआर तो तैयार, पर सिंहस्थ पूर्व चलना असंभव: इन्फ्रॉस्ट्रक्चर पर खर्च होंगे 12 हजार करोड़ रुपए
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन की डीपीआर तो तैयार हो गई है लेकिन सिंहस्थ पूर्व चलना संभव नहीं है। सिंहस्थ के बाद काम तेज गति से चलेगा। सूत्रों
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार इंदौर-उज्जैन मेट्रो ट्रेन की डीपीआर तो तैयार हो गई है लेकिन सिंहस्थ पूर्व चलना संभव नहीं है। सिंहस्थ के बाद काम तेज गति से चलेगा। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है सिंहस्थ पूर्व इंदौर-उज्जैन मेट्रो चलाना संभव नहीं है।
योजना यह है सिंहस्थ समाप्त होते ही पूरे कॉरिडोर पर निर्माण की रफ्तार तेज की जाएगी। इस माह के अंत में रिपोर्ट भोपाल में प्रजेंट की जाएगी। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने विस्तृत सर्वे कराया था। रिपोर्ट में जिक्र है इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर 12 हजार करोड़ का खर्च आएगा। सूत्रों ने बताया 45 किमी मेट्रो ट्रेन की डीपीआर को जल्द भोपाल में अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद केंद्र को भेजी जाएगी।
मात्र 4.5 किमी अंडरग्राउंड- मेट्रो डीपीआर में पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड प्रस्तावित है जबकि मात्र 4.5 किमी क्षेत्र ही अंडरग्राउंड होगा। 45 किमी लंबे रूट में 11 स्टेशन बनेंगे। पहला, लवकुश चौराहा और आखरी उज्जैन रेलवे स्टेशन होगा।
भौंरासला, बारोली, धरमपुरी, तराना, सांवेर, पंथ पिपलई, निनोरा, त्रिवेणी घाट, नानाखेड़ा, उज्जैन आईएसबीटी स्टेशन होंगे। अंडरग्राउंड पर फैसला बाकी है। सूत्रों का कहना है सिंहस्थ निपटने के बाद मेट्रो की गति में रफ्तार आएगी।
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