किस राज्य में ऐसा हो सकता है: 11 वर्ष बाद होगा ऐसा; राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को IAS बनने का अवसर
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्य प्रदेश में ग्यारह साल बाद एक बार फिर गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस अधिकारी बनने का अवसर मिल सकता है।
मुख्य सचिव ने कहा-प्रक्रिया आरंभ करें
इस संभावना को इससे बल मिल रहा है क्योंकि प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सामान्य प्रशासन विभाग से इसके लिए प्रक्रिया शुरू करने और प्रस्ताव बुलाने के निर्देश दिए हैं।
ऐसे अधिकारी जता रहे विरोध
गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस में प्रमोशन देने के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने विरोध जताया है।
दिया यह तर्क
यह विरोध इस तर्क के साथ जताया गया कि जब आईपीएस में अन्य वर्दीधारी को आईपीएस नहीं किया जाता है तो फिर डिप्टी कलेक्टर में ही ऐसा क्यों किया जाए। बताया जाता है कि अब इस मामले में जल्दी ही राज्य प्रशासनिक सेवा का संगठन प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को एक आवेदन भी सौंपेगा।
इस बार 20 पदों की उम्मीद
जानकारी के अनुसार गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को आईएएस बनाने के लिए जो पदोन्नति प्रक्रिया तय है। उसमें स्वीकृत पदों का 15% हिस्सा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए आरक्षित होता है। इस बार 20 पदों की संभावना है।
तीन-चार अधिकारियों को नहीं मिलेगा अवसर
अब यदि 5% पर पद कम होते हैं, तो 15% पद मिलेंगे। इससे राज्य प्रशासनिक सेवा के तीन-चार अधिकारियों को आईएएस बनने का मौका नहीं मिलेगा। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान 2008 बैच के अधिकारियों को होगा।
ये हैं गैर राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी
उल्लेखनीय है कि गैर राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी तकनीकी और विशिष्ट विभागों से आते हैं। इनमें चिकित्सा, स्वास्थ्य, लेखा, सांख्यिकी आदि शामिल हैं। साथ ही ऐसे अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा से नहीं होते हैं।
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