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मेरा विरोध करने वाले की कॉल डिटेल निकाल सब पता कर लूंगा: राजस्व विभाग के अपर आयुक्त ने कर्मचारियों की बैठक में दी चेतावनी

KHULASA FIRST

संवाददाता

11 फ़रवरी 2026, 11:14 पूर्वाह्न
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मेरा विरोध करने वाले की कॉल डिटेल निकाल सब पता कर लूंगा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मेरा विरोध करने वाले को मैं देख लूंगा। मैं अपनी पर आया तो सभी की कॉल डिटेल निकालकर सब पता कर लूंगा। निगम अफसर ने अपने मातहत कर्मचारियों को बैठक में खुली चेतावनी देते हुए कहा कि मेरे हिसाब से काम करो अन्यथा घर बैठा दूंगा। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है।

नगर निगम में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते अफसरों ने अपनी कमाई के लिए खुलकर मनमानी शुरू कर दी है। इसके चलते ही निगम राजस्व विभाग में शुरू हुआ अफसर और कर्मचारियों के बीच का विवाद लगातार गहराता जा रहा है।

अब तक अफसर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल की मौजूदगी में अपनी मनमानी कर रहा था, लेकिन निगमायुक्त के समक्ष उसकी कारतूतों का खुलासा होने के बाद उसने दूरी बना ली है। इसके चलते अफसर ने कर्मचारियों को धमकाना शुरू कर दिया है।

एआरओ में घबराहट बढ़ी
सूत्रों की मानें तो हाल ही में निगम अफसर ने राजस्व विभाग की बैठक आयोजित की। इसमेंं राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान गुड्‌डू भी शामिल हुए। बैठक में अफसर ने एआरओ को निशाने पर लेते हुए कहा कि मेरा विरोध करने वाले की कॉल डिटेल निकालकर सब पता कर लूंगा।

मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। मेरे सामने बच्चे हो, मैं रुला दूंगा। इसके साथ ही उसने सभी एआरओ को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी के आरटीआई लगाई जाने पर एआरओ यदि लिखकर देता है कि दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं तो उसके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराऊंगा। अफसर की इस चेतावनी से एआरओ में घबराहट बढ़ गई है।

मेरी अनुमति जरूरी
ज्ञात रहे कि तत्कालीन निगमायुक्त ने राजस्व विभाग के अफसर को जिम्मेदारी सौंपते हुए मॉनिटरिंग करने की हिदायत दी थी, लेकिन उनकी रवानगी होते ही इस अफसर ने अपनी मनमानी शुरू कर दी। राजस्व विभाग को कमाई का विभाग मानते हुए अफसर ने मातहतों के कामकाज पर नकेल कसने के नाम पर सभी काम खुद की अनुमति के बाद करने का फरमान जारी कर दिया।

इससे नए खाते खोलना, संपत्ति में संशोधन करना, एनओसी देने सहित अधिकतर विभागीय कार्य जो जोन पर होते रहे हैं, वह मौजूदा में अफसर की अनुमति के बाद ही होते हैं। इससे राजस्व विभाग का पूरा सिस्टम एक ही अफसर के ईर्दगिर्द सिमटकर रह गया है।

अफसर की इस मंशा का विरोध शुरू होते ही उसने निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को गुमराह कर तीन एआरओ को नोटिस दिलवाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इसके बाद हुई बैठक में खुलकर मातहतों को धमकी दे डाली।

अफसर की किरकिरी
सूत्रों की मानें तो निगम राजस्व विभाग के अफसर ने सभी एआरओ के शुभ-लाभ का जिम्मा एक सीएमओ को सौंपा। इसके चलते उस सीएमओ ने एआरओ को पाठ पढ़ाया कि सभी लोग मिलकर हर माह शुभ-लाभ कराया करो, लेकिन एआरओ ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया।

इसके बाद एक एआरओ भी शुभ-लाभ के लिए अगुआकार बनाया गया, लेकिन उसके जरिए भी जब अफसर की मंशा पूरी नहीं हुई तो वह खुलकर एआरओ पर कार्रवाई की धमकी देने लगा है। इसके चलते ही उसने 714 संपत्तियों की सूची तैयार कराई।

इस सूची में शामिल संपत्तियों के खाते में हेरफेर का जिम्मेदार एआरओ को बना दिया। इस मामले की जानकारी निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को मिली तो उन्होंने किसी पर भी कार्रवाई करने की जगह संपत्तियो में संशोधन करने के निर्देश दिए। इससे राजस्व अफसर की किरकिरी हो गई। इसके बाद ही उसने बैठक में एआरओ पर निशाना साधते हुए उनके फोन की कॉल डिटेल निकलवाकर सब पता करने की धमकी दे डाली।

गिर सकती है गाज
नगर निगम राजस्व विभाग में अफसर की मनमानी के कारण लगातार निगम की साख को दाग लग रहा है। इससे निगमायुक्त क्षितिज सिंघल की चिंता बढ़ गई है। विवाद का पटाक्षेप करने के लिए जल्द ही निगमायुक्त किसी अन्य अपर आयुक्त को राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।

ऐसा माना जा रहा है कि निगमायुक्त अपर आयुक्तों के कार्य विभाजन में इस अफसर पर गाज गिर सकती है। निगम में पदस्थापना के बाद से अफसर लगातार विवादों में बना हुआ है। इससे निगम को लेकर चर्चाएं सुर्खियों में हैं।

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