खबर
टॉप न्यूज

मानव और पशु स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक, डॉ. निशांत खरे: पशुपालन महाविद्यालय में संगोष्ठी

खुलासा फर्स्ट, महू । पशुपालन महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘वन हेल्थ के नजरिए से वैश्विक स्वास्थ्य की सुरक्षा में पशु चिकित्सकों के लिए अवसर एवं चुनौतियां’ विषय पर संगेष्ठी हुई। मप्र पशुपालन विज्ञान विव

Khulasa First

संवाददाता

29 नवंबर 2025, 10:11 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
मानव और पशु स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक, डॉ. निशांत खरे

खुलासा फर्स्ट, महू
पशुपालन महाविद्यालय में शुक्रवार को ‘वन हेल्थ के नजरिए से वैश्विक स्वास्थ्य की सुरक्षा में पशु चिकित्सकों के लिए अवसर एवं चुनौतियां’ विषय पर संगेष्ठी हुई। मप्र पशुपालन विज्ञान विवि के कुलगुरु डॉ. मनदीप शर्मा मौजूद रहे।

मुख्य अतिथि डॉ. एससी दुबे ने वसुदेव कुटुंबकम एवं सर्वे भवंतु सखिन: का जिक्र कर वन हेल्थ का महत्व बताया। विशिष्ट अतिथि एवं प्रखर वक्ता डॉ निशांत खरे, प्लास्टिक सर्जन इंदौर ने कहा मानव स्वास्थ्य, पर्यावरण स्वास्थ्य एवं पशु स्वास्थ्य और कृषि स्वास्थ्य आदि एक दूसरे के पूरक है। वन हेल्थ दृष्टिकोण को लागू करने से इतना पैसा बचा सकते हैं कि पूरे विश्व की जनसंख्या को 1 साल तक पेट भर के खाना दिया जा सकता है। आयोजन सचिव डॉ. नीतू राजपूत ने रूपरेखा प्रस्तुत की।

महाविद्यालय अधिष्ठाता डॉ. ब्रह्मप्रकाश शुक्ला ने स्वागत भाषण में अतिथियों के अभिवादन पश्चात बताया कि आज के परिदृश्य में मानव, पशु, पर्यावरण आदि को एक स्वास्थ्य के रूप में देखने की जरूरत है। जिसकी उपेक्षा से कोरोना महामारी जैसी घातक बीमारियां देखने को मिलती हैं तथा वन हेल्थ कॉन्सेप्ट में पशु चिकित्सकों के लिए एंटी माइक्रोवियल रेजिस्टेंस, जूनोटिक बीमारियां एवं पशु उत्पाद जनित बीमारियों जैसी चुनौतियों पर काम करने की जरूरत है। डॉ. राजेश चाहोता एवं डॉ हर्षद मुरूगकर ने भी अपने अपने अनुभव पशु चिकित्सकों एवं अन्य प्रतिभागियों के साथ साझा किए।

मीडिया प्रभारी डॉ दीपक गांगिल के अनुसार संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, मध्य प्रदेश के 100 पशु चिकित्सकों, महाविद्यालय के लगभग 50 प्राध्यापक एवं 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। संचालन डॉ जॉयसी जोगी ने किया।

आभार डॉ. पीडीएस रघुवंशी एवं डॉ अशोक पाटिल ने माना। डॉ राकेश शारदा, गायत्री देवांगन,स्वाति कोली, राखी गांगिल, योगिता पांडे, कविता रावत, रेशमा जैन, श्वेता राजोरिया, दानवीरसिंह यादव, नरेश कुरेचिया, जितेंद्रसिंह यादव, की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!