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हिस्ट्रीशीटर बदमाशों ने तीन लोगों को ताबड़तोड़ मारे चाकू: परदेशीपुरा में खूनी खेल

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 जनवरी 2026, 8:22 पूर्वाह्न
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पुलिस की लापरवाही के चलते हुई वारदात, चाचा भतीजे सहित तीन घायल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही के चलते हिस्ट्रीशीटर बदमाशों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि दिनदहाड़े घर में घुसकर महिलाओं को चाकू की नोक पर धमका दिया। मामला थाने तक पहुंचा, लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

इसी लापरवाही के चलते हमलावर आधा दर्जन बदमाशों ने रात होते ही चाचा-भतीजे समेत तीन लोगों को ताबड़तोड़ चाकू मारकर घायल कर दिया। तीन लोग आईसीयू में इलाजरत हैं, जबकि चाकूबाज बदमाश देर रात तक पुलिस की पकड़ से बाहर। वहीं घायलों के परिवार की महिलाओं ने हमलावर बदमाशों में से एक आरोपी के घर में आग लगा दी। पुलिस ने महिलाओं को अस्पताल से हिरासत में लिया है।

जानकारी के अनुसार परदेशीपुरा निवासी देवेंद्र पिता लक्ष्मीशंकर सरोज उसके भतीजे आदित्य पिता धर्मेंद्र सरोज व विकास पिता रामचरण पंवार को आधा दर्जन हथियारबंद बदमाशों ने लाठी-डंडे, रॉड और चाकुओं से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।

घायल देवेंद्र ने बताया कि आरोपी आयुष सुनहरे, दशरथ सुनहरे, अन्ना खटारे सहित अन्य बदमाश पहले कल दोपहर दिनदहाड़े उसके घर में घुसे। चाकू की नोक पर घर की महिलाओं को धमकाया, गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर बदमाश और उत्पात मचाने लगे।

घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंचे, पुलिस ने हमलावरों को मेडिकल के लिए भेज दिया, जबकि पीड़ित परिवार की महिलाओं को घंटों थाने में बैठाए रखा और एफआईआर तक दर्ज नहीं की।

दो माह से रंजिश चल रही है: पुलिस ने बताया घायल देवेंद्र सरोज और आरोपी आयुष सुनहरे, अन्ना खटारे सभी थाने के गुंडे हैं। बदमाशों के बीच दो माह से रंजिश चल रही है, जिसके चलते दोनों का कई बार आमना सामना भी हुआ है। उधर, हमलावर अन्य आरोपियों की पहचान के लिए टीमें लगाई हैं। टीमें घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने में जुटी है।

रॉड से हमला कर बायां हाथ तोड़ दिया
पुलिस की लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि कुछ ही घंटों बाद हथियारबंद बदमाश दोबारा देवेंद्र सरोज के घर लौटे। देवेंद्र को घर के बाहर घेरकर रॉड से हमला कर उसका बायां हाथ तोड़ दिया गया। बीच-बचाव में आए उसके भतीजे आदित्य और साथी विकास पर ताबड़तोड़ चाकू मारकर घायल कर दिया।

परिजन तत्काल घायलों को पहले एमवाय और फिर यूनिवर्सल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तीनों को आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। देवेंद्र निपानिया वाइन शॉप पर काम करता है।

बच्चों में पतंग उड़ाने को लेकर हुआ था विवाद
देवेंद्र के भाई जितेंद्र ने बताया कि 14 जनवरी को गली में पतंग उड़ाने को लेकर बच्चों में विवाद हुआ था। इसे लेकर हिस्ट्रीशीटर आयुष सुनहरे, दशरथ सुनहरे और अन्ना खटारे ने अपने साथियों के साथ मिलकर चाकू निकाल लिए।

आरोपी आए दिन इलाके में शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। हमलावरों को शराब ठेकेदार का संरक्षण है। आरोपियों ने कुछ महीनों पहले ही अल्पेश नामक बदमाश पर भी चाकुओं से जानलेवा हमला किया था।

चाकूबाजी के बाद आग लगाई, पुलिस का दोहरा रवैया
हमले के बाद आक्रोशित महिलाओं ने आरोपी आयुष सुनहरे के मकान में आग लगा दी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई। हैरानी की बात यह है कि चाकूबाजी करने वाला एक भी आरोपी देर रात तक गिरफ्तार नहीं हुआ, लेकिन आग लगाने के मामले में महिलाओं को पूरी रात थाने में बैठाए रखा गया। यहां तक कि घायलों को देखने अस्पताल पहुंची महिलाओं को पुलिस ने अस्पताल से ही हिरासत में ले लिया।

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