बीआरटीएस तोड़फोड़ में ढिलाई पर हाई कोर्ट सख्त: आज की सुनवाई में क्या कमेटी की रिपोर्ट से बढ़ेगी नगर निगम की मुश्किलें
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर में बीआरटीएस तोड़ने की प्रक्रिया में हो रही देरी अब हाई कोर्ट की सख्त निगरानी में आ गई है। इस मामले में आज हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी, जिसमें बीआरटीएस रिमूवल की निगरानी क
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में बीआरटीएस तोड़ने की प्रक्रिया में हो रही देरी अब हाई कोर्ट की सख्त निगरानी में आ गई है। इस मामले में आज हाई कोर्ट में अहम सुनवाई होगी, जिसमें बीआरटीएस रिमूवल की निगरानी के लिए गठित कमेटी अपनी रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करेगी। संकेत साफ है कि काम की धीमी रफ्तार पर अदालत की नाराजगी बढ़ सकती है।
सुनवाई से पहले छह सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी ने सोमवार रात राजीव गांधी से पलासिया चौराहा तक बीआरटीएस का निरीक्षण किया। इसके बाद कमेटी मौजूदा हालात से संतुष्ट नजर नहीं आई। सदस्यों का कहना था कि जमीनी स्थिति दावों से अलग है, सुधार तत्काल जरूरी है। निरीक्षण के दौरान सामने आया कि शहर का एक्यूआई करीब 200 है, इसके बावजूद बीआरटीएस तोड़ने के बाद मलबा, पिलर्स और वेस्ट सीमेंट सड़कों पर पड़ा है। इस पर कमेटी ने तुरंत मलबा हटाने और धूल नियंत्रण के निर्देश दिए।
हादसे का खतरा, रेड फ्लैग लगाने के निर्देश
रैलिंग के पास साइन बोर्ड नहीं, इसलिए रेड फ्लैग लगाने को कहा गया ताकि दुर्घटनाएं न हों। जीपीओ से शिवाजी वाटिका तक बैरिकेडिंग बहुत पास-पास पाई गई, इसे दूर-दूर लगाने के निर्देश दिए गए। तोड़फोड़ के बाद सड़क पर किया गया पैचवर्क बेहद खराब बताया गया, ऊपर-नीचे और असमान, जिससे वाहनों के गिरने का खतरा है। इस पर नगर निगम अधिकारियों को मौके पर ही अवगत कराया गया।
हाई कोर्ट की सख्त मॉनिटरिंग
गौरतलब है कि 1 दिसंबर की सुनवाई में बताया गया था कि बीआरटीएस हटाने का पूरा काम तीन माह में पूरा होगा, जबकि एक लेन की रैलिंग 15 दिन में हटाने का आश्वासन दिया गया था। इसी पर हाई कोर्ट ने मॉनिटरिंग कमेटी गठित की थी। कमेटी में एडवोकेट गिरीश पटवर्धन, एनएस भाटी, कौस्तुभ पाठक, अजयराज गुप्ता, प्रद्युम्न किबे और जय शर्मा शामिल हैं।
यह कमेटी अपनी रिपोर्ट 16 दिसंबर को कोर्ट में पेश करेगी। पिछली सुनवाई में जस्टिस विजयकुमार शुक्ला और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की डिवीजन बेंच ने निर्देश दिए थे कि अगली सुनवाई पर कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर और डीसीपी ट्रैफिक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें। ऐसे में आज की सुनवाई नगर निगम और प्रशासन के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
एग्रीमेंट तक नहीं दिखा पाए अधिकारी: कमेटी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि किस एग्रीमेंट के तहत, कहां और कितना बीआरटीएस तोड़ा जा रहा है। वाहन चालकों की परेशानी भी कमेटी के सामने आई।
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