हेड कांस्टेबल लाइन अटैच
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । एक लाख रुपए नहीं देने पर आर्म्स एक्ट के झूठे केस में फंसाने के आरोपी हेड कांस्टेबल को आखिरकार डीसीपी ने लाइन अटैच कर दिया है। उल्लेखनीय है 26 नवंबर को खुलासा फर्स्ट ने ‘आखिर झूठ
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक लाख रुपए नहीं देने पर आर्म्स एक्ट के झूठे केस में फंसाने के आरोपी हेड कांस्टेबल को आखिरकार डीसीपी ने लाइन अटैच कर दिया है। उल्लेखनीय है 26 नवंबर को खुलासा फर्स्ट ने ‘आखिर झूठा कौन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। बताया था कि छोटी भमोरी निवासी दीपक पिता गणेश कुशवाह ने आरोप लगाते हुए पूर्व भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय से शिकायत की थी कि परदेशीपुरा थाने के हेड कांस्टेबल देवेंद्र यादव ने उसे झूठा फंसाया था।
22 नवंबर की दोपहर को सुखलिया निवासी युवराज भट्ट को लेकर घर पहुंचा। चेकिंग में कुछ नहीं मिला तो जबरदस्ती ऑटो में बैठाया और एक देशी कट्टा निकालकर कहा कि ये तूने युवराज को बेचा है। पुलिस ने युवराज और राहुल ठाकुर को पकड़ा था, लेकिन उन्हें छोड़कर मुझे एक लाख रुपए नहीं देने पर आर्म्स एक्ट का आरोपी बना दिया।
जमानत के बाद मेरा मोबाइल रखा और 15 हजार रुपए देने पर मोबाइल लौटाने की बात कही। 25 नवंबर को घर आकर धमकाया। इसके बाद मामला पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह तक पहुंचा था। उन्होंने डीसीपी जोन-2 को जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। नतीजा ये रहा कि खबर प्रकाशित होने के बाद पिछले दिनों डीसीपी जोन-2 ने हेड कांस्टेबल देवेंद्र यादव को आगामी आदेश तक के लिए लाइन अटैच कर दिया।
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