प्रधान आरक्षक ने किया सुसाइड: फंदे पर झूलता मिला शव; ड्यूटी से लौटते ही उठाया यह कदम
खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर। पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ड्यूटी से लौटने के कुछ ही देर बाद हुई इस हृदय विदारक घ
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस लाइन के सरकारी क्वार्टर में प्रधान आरक्षक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ड्यूटी से लौटने के कुछ ही देर बाद हुई इस हृदय विदारक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिवार के साथ रहते थे
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारण अभी तक अस्पष्ट है। जानकारी के अनुसार, प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास वर्तमान में थाटीपुर थाना में पदस्थ थे और बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस लाइन में अपने परिवार के साथ रहते थे।
अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा
शनिवार देर शाम वह ड्यूटी से घर लौटे। उनकी पत्नी मेघा ने दरवाजा खोला और खाने के बारे में पूछा। दीपक ने कहा कि वह कपड़े बदलकर आते हैं और कमरे में चले गए। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आए, तो पत्नी मेघा ने कमरे में जाकर देखा।
कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और लाख कोशिश के बाद भी नहीं खुला। घबराकर पत्नी मेघा ने आस-पड़ोस के लोगों को बुलाया। जब दरवाजा तोड़ा गया, तो सामने का दृश्य चौंकाने वाला था। दीपक छत के पंखे से फंदे पर लटके हुए थे।
उन्हें तुरंत फंदे से काटकर नीचे उतारा गया और तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बेटियां गईं थी दादी के घर
घटना के समय घर में दीपक श्रीवास और उनकी पत्नी मेघा ही मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि उनकी दो मासूम बेटियां – परी (8-9 वर्ष) और पूर्वी (5-6 वर्ष) – घटना से पहले ही दादी के घर गई हुई थीं।
सदमे में पत्नी
यह शायद इकलौता संतोष है कि बेटियां इस भयावह दृश्य से बच गईं। घटना के बाद से पत्नी मेघा गहरे सदमे में हैं। मृतक के भाई शिवम श्रीवास ने इस दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि दीपक और उनकी पत्नी पुलिस क्वार्टर में रहते थे। उन्होंने भी उलझन जाहिर की कि आखिर घर आने के बाद ऐसी कौन सी बात हुई जिसके कारण दीपक ने इतना बड़ा कदम उठा लिया।
सुसाइड नोट नहीं मिला
घटना की सूचना मिलते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मर्ग कायम कर लिया गया है।
सीएसपी अतुल सोनी ने पुष्टि करते हुए बताया कि प्रधान आरक्षक दीपक श्रीवास ने आत्महत्या की है। उन्होंने कहा, "जांच जारी है, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। यह पुलिस विभाग के लिए बड़ी क्षति है।"
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या आत्महत्या के पीछे विभागीय तनाव, पारिवारिक दबाव, या कोई अन्य निजी कारण था। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर बारीकी से जांच की जा रही है।
अनुकंपा नियुक्ति से मिली थी नौकरी
दीपक श्रीवास को यह नौकरी अनुकंपा नियुक्ति के तहत मिली थी। उनके पिता की मृत्यु ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में हो गई थी, जिसके बाद दीपक को पुलिस विभाग में सेवा का मौका मिला था।
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