गुटखा माफिया हाईकोर्ट की शरण में: जानिये टैक्स चोर ने किससे बचने के लिए किया ऐसा
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई हाईकोर्ट में पहुंच गई है।
अंतिम फैसले पर रोक
हाईकोर्ट ने ईडी के अंतिम फैसले पर रोक लगा दी है। वहीं, कार्रवाई पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी और दबंग दुनिया ने ईडी की कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
2002 करोड़ की सबसे बड़ी टैक्स डिमांड और मनी लांड्रिंग
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में यह मामला 2002 करोड़ की सबसे बड़ी टैक्स डिमांड और मनी लांड्रिंग का है।
दबंग दुनिया के नाम पर मनी लांड्रिंग का मामला
सेंट्रल जीएसटी, एक्साइज कमिशनरेट की कार्रवाई के दौरान ही गुटखा माफिया और टैक्स चोर वाधवानी के खिलाफ समाचार पत्र दबंग दुनिया के नाम पर मनी लांड्रिंग का मामला भी आया था।
तुकोगंज थाने में केस
इसी मामले में तुकोगंज थाने में भी चार सौ बीसी और अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इसी एफआईआर को लेकर ईडी ने वाधवानी और अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलएके तहत केस दर्ज किया था।
ईडी ने शुरू की थी मामले की जांच
उल्लेखनीय है कि ईडी ने दबंग दुनिया के नाम पर हुए मनी लांड्रिंग के मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।
स्पेशल कोर्ट में चालान
दिसंबर के बीच में, स्पेशल कोर्ट ईडी में चालान पेश कर दिया था। इसमें मेसर्स दबंग दुनिया प्रा.लि.,ऑफिस 307 और शालीमार कॉर्पोरेट सेंटर साउथ तुकोगंज, इंदौर को आरोपी बनाया गया है।
इन्हें भी बनाया गया आरोपी
इसके अलावा गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी (पिता खेमचंद वाधवानी)और पूनम वाधवानी (पत्नी किशोर वाधवानी) को भी आरोपी बनाया गया है। इसके साथ ही पंकज मजेपुरिया भी आरोपी हैं।
जांच में यह खुलासा हुआ था
ईडी और डीजीसीआई की जांच में यह सामने आया कि दबंग दुनिया समाचार पत्र की प्रतियों की बिक्री हर दिन 60 हजार से 1 लाख बताई गई, जबकि यह संख्या केवल 5 से 8 हजार थी।
काले धन को नकद बिक्री बताया
इसके एवज में इनके जरिए अन्य व्यवसाय से हुई कमाई/काले धन को नकद बिक्री दिखाकर दबंग दुनिया के अकाउंट में जमा किया जाता था।
विज्ञापनों से फर्जी आय
जांच में यह भी पाया गया कि इनके जरिए विज्ञापनों से फर्जी आय दिखाई जाती थी। साथ ही, कूटरचित टैक्स इनवॉयस बनाए जाते थे। इसके लिए फर्जी लेन-देन भी दिखाया जाता था।
काली कमाई को वैध आय के रूप में दिखाया
इन विज्ञापनों को छापा नहीं जाता था, बल्कि इनका उपयोग केवल अपनी काली कमाई को वैध आय के रूप में दिखाने के लिए किया जाता था।
दबंग दुनिया से 11.66 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग
ईडी और डीजीसीआई की जांच में यह सामने आया कि दबंग दुनिया के जरिए गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी और अन्य ने 11.66 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की है। यह मनी लॉन्ड्रिंग वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान की गई थी।
पान मसाला का परिवहन दबंग दुनिया लिखे वाहनों से
इसी तरह सर्कुलेशन में पांच से आठ गुना अधिक बढ़ोतरी दिखाकर इसकी कॉपी बेचकर कमाई होना बताया गया है। विमल नाम के पान मसाला का परिवहन दबंग दुनिया लिखे वाहनों से किया गया है। साथ ही, इनके कर्मचारियों को प्रेस का आईडी दिया गया है।
पूरी सांठगांठ थी
जांच में यह भी आया कि एलोरो टोबेको व दबंग दुनिया के कई कर्मचारी आपस में लिंक थे। इस तरह पूरी सांठगांठ कर ब्लैक मनी को व्हाइट में किया गया है।
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