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ईडी के शिकंजे में गुटखा माफिया और टैक्स चोर उलझा: अखबार के नाम पर की थी मनी लांड्रिंग; 2002 करोड़ रुपए का मिला था नोटिस

खुलासा फर्स्ट, इंदौर। गुटखा माफिया किशोर वाधवानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2002 करोड़ के विशालकाय टैक्स डिमांड नोटिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुटखा माफिया और टैक्स चोर वा...

Khulasa First

संवाददाता

18 दिसंबर 2025, 10:31 पूर्वाह्न
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ईडी के शिकंजे में गुटखा माफिया और टैक्स चोर उलझा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
गुटखा माफिया किशोर वाधवानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। 2002 करोड़ के विशालकाय टैक्स डिमांड नोटिस के बाद अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुटखा माफिया और टैक्स चोर वाधवानी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में शिकंजा कस दिया है।

जांच में सामने आया है कि किस तरह दबंग दुनिया समाचार पत्र की आड़ में काले धन को सफेद करने का बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था।

समाचार पत्र का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया
सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज कमिश्नरेट की जांच के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी ने अपने समाचार पत्र 'दबंग दुनिया' का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज कर इंदौर की स्पेशल कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।

सभी के खिलाफ ईडी ने की जांच
ईडी ने दबंग दुनिया के नाम पर हुए मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज करने के बाद जांच की थी। वहीं, अब इसमें स्पेशल कोर्ट ईडी में चालान पेश कर दिया है। इसमें मेसर्स दबंग दुनिया प्रा.लि., ऑफिस 307 और शालीमार कॉर्पोरेट सेंटर साउथ तुकोगंज इंदौर को आरोपी बनाया गया है।

इनके साथ ही किशोर वाधवानी पिता खेमचंद वाधवानी, 65 बी प्रेम नगर इंदौर और पूनम वाधवानी पत्नी किशोर वाधवानी को आरोपी बनाया गया है। इनमें पंकज मजेपुरिया भी शामिल है।

फर्जी सर्कुलेशन का मायाजाल
ED और DGCI की संयुक्त जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं हैं। अखबार की वास्तविक बिक्री केवल 5,000 से 8,000 प्रतियों के बीच थी, लेकिन रिकॉर्ड में इसे 60,000 से 1 लाख प्रतिदिन दिखाया गया।

विज्ञापनों का फर्जीवाड़ा
अन्य व्यवसायों से होने वाली अवैध कमाई को "अखबार की नकद बिक्री" दिखाकर बैंक खातों में जमा किया गया। जांच में पाया गया कि कई विज्ञापन (जैसे घनश्याम दास का 25 लाख का विज्ञापन) कभी छपे ही नहीं। 'मित्र मंडल' के नाम पर फर्जी इनवॉयस बनाकर करोड़ों की आय दिखाई गई।

वित्तीय वर्ष का डेटा
2017-18 से 2019-20 के बीच कुल 11.66 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की पुष्टि हुई है।

प्रेस आईडी का किया गलत उपयोग
जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है। विमल पान मसाला के अवैध परिवहन के लिए 'दबंग दुनिया' के नाम पर पंजीकृत वाहनों का उपयोग किया जाता था ताकि पुलिस और प्रशासन की चेकिंग से बचा जा सके। इतना ही नहीं, गुटखा फैक्ट्री के कर्मचारियों को प्रेस आईडी कार्ड दिए गए थे, जिससे वे मीडियाकर्मी बनकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे सकें।

तुकोगंज थाने की FIR से ED तक का सफर
इस पूरे मामले की शुरुआत 10 फरवरी 2021 को तुकोगंज थाने में दर्ज FIR से हुई थी। डीजीसीआई की इस शिकायत के आधार पर ही ईडी ने जांच शुरू की और अब मामला कोर्ट में पहुंच चुका है। पहले इसमें गुटखा माफिया और टैक्स चोर किशोर वाधवानी का नाम था।

बाद में ईडी ने जांच कर उसकी पत्नी पूनम और दबंग दुनिया के सीईओ पंकज मजेपुरिया को भी आरोपी बना दिया। जांच में सामने आया है 'एलोरो टोबेको' और 'दबंग दुनिया' के कर्मचारियों के बीच सांठगांठ थी। इस तरह ब्लैक मनी को व्हाइट में कन्वर्ट किया गया।

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