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राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों पर जीएसटी की तिरछी नजर

राजेंद्र खंडेलवाल 98931-90781 खुलासा फर्स्ट, इंदौर । राजवाड़ा क्षेत्र के 13 प्रमुख बाजारों के सैकड़ों व्यापारियों पर जीएसटी विभाग की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। क्षेत्र में ऐसे व्यापारियों की कमी नहीं, जो...

Khulasa First

संवाददाता

20 दिसंबर 2025, 8:44 पूर्वाह्न
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राजवाड़ा क्षेत्र के व्यापारियों पर जीएसटी की तिरछी नजर

राजेंद्र खंडेलवाल 98931-90781 खुलासा फर्स्ट, इंदौर
राजवाड़ा क्षेत्र के 13 प्रमुख बाजारों के सैकड़ों व्यापारियों पर जीएसटी विभाग की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। क्षेत्र में ऐसे व्यापारियों की कमी नहीं, जो जीएसटी नंबर लिए बिना ही व्यापार कर जमकर टैक्स चोरी कर रहे हैं। इन सबकी सूची विभाग ने तैयार कर ली है और जल्द ही इन पर शिकंजा कसा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार कपड़ा, रेडीमेड, बर्तन, किराना, सराफा समेत तमाम बाजारों में ऐसे सैकड़ों व्यापारी हैं, जो खुलकर जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। करीब तीन माह की मशक्कत के बाद विभाग ने ऐसे व्यापारियों की सूची तैयार की है। जल्द ही इन्हें नोटिस और जुर्माने आदि की कार्रवाई की जाएगी।

बिना जीएसटी वाले 800 व्यापारी
विभागीय सूत्रों का कहना है कि ऐसे सैकड़ों व्यापारी हैं, जिनके ट्रेड लाइसेंस रद्द करने की भी तैयारी है। सीतला माता बाजार, सांठा बाजार, बजाजखाना, नृसिंह बाजार, इतवारिया बाजार, नलिया बाखल, अहिल्यापुरा, गौराकुंड के व्यापारियों को भी राडार पर लिया गया है। 800 से अधिक व्यापारी ऐसे हैं, जो गैर-जीएसटी के तहत व्यवसाय संचालित कर रहे हैं।

विभाग की लिस्ट में 800 से अधिक व्यापारी गैर जीएसटी वाले
सरकार को पहुंचा रहे राजस्व की भारी क्षति: जीएसटी विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक सर्वे में यह तथ्य सामने आया है कि अनेक दुकानदार निर्धारित सीमा से अधिक कारोबार होने के बावजूद न तो जीएसटी पंजीयन करवा रहे हैं और न ही कर का नियमित भुगतान कर रहे हैं।

इससे सरकार को राजस्व की भारी क्षति हो रही है। अब विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाकर बिलिंग सिस्टम का सत्यापन और स्टॉक की पड़ताल की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यापारियों पर जुर्माना, कर वसूली और कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

व्यापारिक संगठनों में बढ़ी हलचल: मामले में अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि कर प्रणाली में पारदर्शिता और समानता बनाए रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। वैध रूप से पंजीकृत व्यापारियों के हितों की रक्षा करना भी इस कार्रवाई का अहम उद्देश्य है।

वहीं कार्रवाई होने की भनक लगने के बाद लगभग सभी व्यापारिक संगठनों में हलचल तेज हो गई है। कई व्यापारी स्वेच्छा से जीएसटी पंजीयन कराने और अपने खातों को दुरुस्त करने की तैयारी में जुट गए, लेकिन ज्यादातर ऐसे हैं जो कोई रास्ता तलाशने की कोशिश में हैं।

कुछ तो नेताओं के पास भी पहुंचे, लेकिन उन्होंने केंद्र सरकार का मामला बताकर हाथ ऊंचे कर दिए हैं। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लापरवाही और नियमों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बिना जीएसटी कारोबार करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।

बिना जीएसटी बिकने वाली वस्तुएं: जीएसटी विभाग की जांच में यह भी सामने आया है कि बिना जीएसटी के जिन वस्तुओं का कारोबार सबसे अधिक किया जा रहा है, उनमें चाइनीज क्रॉकरी, टॉयज, विदेशों से आयातित पुराना कपड़ा, कॉस्मेटिक उत्पाद तथा मिलों के वेस्टेज कपड़े के पीस शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार इन श्रेणियों में कारोबार करने वाले व्यापारियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है और ज्यादातर दुकानों पर बिलिंग प्रणाली तथा वैध दस्तावेजों का अभाव पाया गया है। जीएसटी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान के दौरान इन वस्तुओं की खरीदी-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, स्टॉक और आपूर्ति स्रोतों की पड़ताल की जाएगी।

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