अवैध खनन पर सरकार का कड़ा रुख: अफसरों को सीएस की चेतावनी; कहा- माफिया बेकाबू, खौफ पैदा कीजिए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
मध्यप्रदेश में अवैध खनन को लेकर सरकार अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रही है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्पष्ट कर दिया है कि खनन माफिया की मनमानी अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान उन्होंने कई जिलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए अफसरों को सीधे शब्दों में चेतावनी दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि-
कुछ जिलों में हालात इस हद तक बिगड़ चुके हैं कि अपराधियों में प्रशासन का कोई डर दिखाई नहीं देता। उन्होंने साफ कहा कि यदि जिले में अवैध खनन खुलेआम चल रहा है, तो इसकी जवाबदेही कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की होगी।
इलाके में माफिया पूरी तरह बेकाबू हैं
भिंड जिले की स्थिति पर विशेष नाराजगी जताते हुए उन्होंने कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और एसपी असित यादव से कहा कि आपके इलाके में माफिया पूरी तरह बेकाबू हैं। कानून का खौफ अपराधियों में दिखना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात प्रशासनिक कमजोरी को उजागर कर रहे हैं।
बैठकों को गंभीरता से लेना चाहिए
बैठक के दौरान लापरवाही के संकेत मिलने पर भी मुख्य सचिव ने सख्त रुख अपनाया। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा मोबाइल देखने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी बैठकों को गंभीरता से लेना चाहिए। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारी तक स्वतः पहुंच जाती है।
जनता शिकायत करने को मजबूर
सीएम हेल्पलाइन की लगातार बढ़ती शिकायतों को लेकर मऊगंज जिले पर भी सवाल उठे। मुख्य सचिव ने कहा कि जब जनता बार-बार शिकायत करने को मजबूर हो रही है, तो यह प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
जनता के हित में काम करना जिम्मेदारी
मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि सरकार को हर जिले की गतिविधियों की जानकारी मिलती है। कोई भी यह न माने कि गलत काम छिप सकता है। भ्रष्टाचार से दूरी बनाकर जनता के हित में काम करना सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री तक पहुंच चुकी है शिकायतें
उन्होंने यह भी बताया कि कुछ जिलों से जुड़ी गंभीर शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री मोहन यादव तक पहुंच चुकी हैं। ऐसे में अब संभलने और सुधार का आखिरी मौका है, वरना कठोर कार्रवाई से कोई नहीं बच पाएगा।
कमजोर जिलों को सुधार के निर्देश दिए
सात और आठ अक्टूबर को हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा भी की गई। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के साथ-साथ कमजोर जिलों को जल्द सुधार के निर्देश दिए गए।
जनजागरूकता अभियानों में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली टॉप थ्री जिलों में शामिल रहे हैं। वहीं पन्ना, मुरैना और भिंड को बॉटम थ्री जिलों में रखा गया, जिस पर विशेष चिंता जताई गई है।
नाबालिग बालिकाओं को किया बरामद
महिला सुरक्षा और मुस्कान अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 1900 से अधिक नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित बरामद किया जा चुका है।
मुख्य सचिव के सख्त संदेश से यह साफ हो गया है कि अब माफिया हो या लापरवाह अधिकारी-दोनों के खिलाफ सरकार बिना हिचक कार्रवाई करेगी।
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