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10 मिनट में डिलीवरी पर सरकार सख्त: ब्लिंकिट ने हटाया फास्ट डिलीवरी का दावा; जोमैटो-स्विगी से की मंत्री ने बात

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 जनवरी 2026, 10:53 पूर्वाह्न
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10 मिनट में डिलीवरी पर सरकार सख्त

खुलासा फर्स्ट, नई दिल्ली।
देश में तेजी से फैल रहे 10 मिनट में डिलीवरी वाले क्विक कॉमर्स मॉडल पर अब केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। डिलीवरी बॉय की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सरकार के हस्तक्षेप के बाद ब्लिंकिट ने अपने सभी ब्रांड्स से 10 मिनट डिलीवरी का दावा हटाने का ऐलान कर दिया है।

सरकारी हस्तक्षेप के बाद बदला रुख
इस पूरे मामले पर केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने क्विक कॉमर्स सेक्टर में काम कर रही प्रमुख कंपनियों से बातचीत की थी। इस बैठक का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है।

अन्य कंपनियां जल्द कर सकती है ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, ब्लिंकिट के बाद जेप्टो, स्विगी और जोमैटो जैसी अन्य कंपनियां भी जल्द ही अपने प्लेटफॉर्म और विज्ञापनों से 10 मिनट डिलीवरी की समय सीमा हटाने का ऐलान कर सकती हैं।

हटेगा 10 मिनट डिलीवरी दावा
केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को कंपनियों की ओर से यह भरोसा दिलाया गया है कि वे अपने विज्ञापनों से सोशल मीडिया कैंपेन से और ब्रांड प्रमोशन से 10 मिनट में डिलीवरी जैसी समय-सीमा को पूरी तरह हटाएंगी।

मंत्री ने साफ तौर पर कहा था कि डिलीवरी के लिए तय की गई जल्दबाजी भरी समय सीमा कर्मचारियों की जान के लिए खतरा बन सकती है।

चल रहा था विरोध
गौरतलब है कि 10 मिनट डिलीवरी मॉडल के खिलाफ पूरे देश में विरोध की लहर चल रही थी। संसद में भी यह मुद्दा उठाया जा चुका है। सोशल मीडिया पर डिलीवरी बॉय की सुरक्षा को लेकर अभियान चल रहा था।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर लाखों डिलीवरी कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। डिलीवरी बॉय ने वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ डिलीवरी टाइम लिमिट खत्म करने की मांग की थी।

कर्मचारियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
सरकार का मानना है कि तेज डिलीवरी की होड़ में कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं और कार्यस्थल पर जोखिम बढ़ता है। इसी वजह से सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि कर्मचारी सुरक्षा से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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