विश्व प्रसिद्ध मंदिर के गर्भगृह में गैंगस्टर ने जबरन घुसकर किए दर्शन: दर्जन भर गुर्गों के साथ पहुंचा; मंदिर प्रशासन के दावों पर उठे सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर एक बार फिर विवादों में आ गया है। मंदिर में जहां आम श्रद्धालुओं के लिए गर्भगृह में प्रवेश पर पूरी तरह रोक है, वहीं कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ का गर्भगृह के भीतर जाकर सहजता से दर्शन करना अब चर्चा का विषय बन गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि प्रतिबंधित क्षेत्र माने जाने वाले गर्भगृह में गैंगस्टर मौजूद है और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहा है, जबकि आम श्रद्धालुओं को दूर से ही दर्शन करने पड़ते हैं।
परिवार संग गर्भगृह में पहुंचा गैंगस्टर
गैंगस्टर सतीश भाऊ अपने परिवार के साथ सीधे मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया, जहां आम श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहता है। जानकारी के अनुसार, सतीश भाऊ के साथ आए गुर्गों ने गर्भगृह के भीतर उसकी पूजा-अर्चना और दर्शन के वीडियो रिकॉर्ड किए।
इसके बाद वह मंदिर परिसर में मौजूद अन्य देवालयों में भी गया, जहां अंदर प्रवेश कर पूजा की गई और वहां भी फोटो व वीडियो बनाए गए।
पूरे मंदिर भ्रमण के दौरान कई लंबे वीडियो और तस्वीरें ली गईं, जिन्हें बाद में गैंगस्टर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और ज्यादा तूल पकड़ता जा रहा है।
मंदिर प्रशासन के दावों पर सवाल
मंदिर प्रबंधन लंबे समय से यह कहता आ रहा है कि सुरक्षा कारणों और परंपराओं के चलते किसी भी श्रद्धालु को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती। त्योहारों और विशेष अवसरों पर भक्तों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, बावजूद इसके उन्हें गर्भगृह के भीतर प्रवेश नहीं मिलता।
नियम सबके लिए एक समान क्यों नहीं?
वायरल वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मंदिर के नियम केवल आम लोगों तक सीमित हैं? आखिर किसके निर्देश पर गैंगस्टर को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति दी गई? क्या प्रभाव और रसूख के आगे मंदिर की व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र बेबस नजर आया?
श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि आस्था के स्थानों पर इस तरह का कथित भेदभाव न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि मंदिर प्रशासन की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करता है। प्रशासन को गैंगस्टर सतीश भाऊ के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए।
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