नेशनल हेराल्ड मामले में गांधी परिवार को राहत: बीजेपी ऑफिस घेरने निकले कांग्रेसी, पुलिस से हुई झड़प; चलानी पड़ी वाटर कैनन
खुलासा फर्स्ट, भोपाल। नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से साफ़ इनकार कर दिया है। अदालत ने दी...
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक नया मोड़ आया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से साफ़ इनकार कर दिया है।
अदालत ने दी बड़ी राहत
अदालत के इस फैसले ने न केवल सोनिया गांधी और राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। इस फैसले के बाद आज भोपाल की सड़कों पर कांग्रेस कार्यकर्ता भारी प्रदर्शन करते हुए बीजेपी कार्यालय का घेराव कर रहे हैं।
बता दें कि, प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इतना ही नहीं बैरिकेडिंग पर चढ़ रहे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
बिना FIR के कार्रवाई संभव नहीं
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने फैसले में कानून की बारीकियों पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि ED की चार्जशीट कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई तभी हो सकती है, जब कोई ठोस आधार या वैध FIR मौजूद हो।
कानूनी आधार का अभाव
अदालत ने पाया कि ED द्वारा पेश की गई दलीलें प्रचलित नियमों के अनुरूप नहीं थीं, जिसके कारण सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ चार्जशीट को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
क्या है नेशनल हेराल्ड विवाद?
यह विवाद साल 2012 से भारतीय राजनीति का केंद्र बना हुआ है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया था कि यंग इंडियन कंपनी के जरिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की करोड़ों की संपत्ति का अवैध अधिग्रहण किया गया।
90 करोड़ का कर्ज
आरोप था कि AJL पर बकाया 90 करोड़ रुपये के ऋण को गलत तरीके से स्थानांतरित किया गया। इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मोतीलाल वोरा जैसे दिग्गज नेताओं के नाम शामिल रहे हैं।
सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता
अदालत के फैसले के बाद मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थकों ने इस फैसले को "सत्य की जीत" बताते हुए बीजेपी कार्यालय का घेराव कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को दबाने की कोशिश की जा रही है।कांग्रेस का दावा है कि नेशनल हेराल्ड मामला पूरी तरह से 'पॉलिटिकल वेंडेटा' (राजनीतिक बदला) था, जिसे कोर्ट ने आज साबित कर दिया है।
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