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लोन के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी: साइबर फ्रॉड में फंसे मां-बेटे; दो पर FIR दर्ज

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 जनवरी 2026, 1:27 अपराह्न
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लोन के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
लोन दिलाने के नाम पर बैंक खातों का दुरुपयोग कर साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की है।

मां-बेटे के नाम पर खुलवाए खाते
पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और उनके पुराने रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने मां और बेटे को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक अकाउंट खुलवाए, लेकिन लोन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई।

फर्जी काम के लिए किया उपयोग
इसके बजाय इन खातों का इस्तेमाल एडवाइजरी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों से जुड़े पैसों के लेन-देन के लिए किया गया।

पुलिस की जांच से खुला मामला
जब बलसाड पुलिस ने इन बैंक खातों में संदिग्ध तरीके से जमा हुई रकम को लेकर जांच शुरू की, तब पीड़ित मां-बेटे को इस पूरे धोखाधड़ी की जानकारी मिली। इसके बाद मामला इंदौर क्राइम ब्रांच तक पहुंचा।

कैफे में हुई थी पहली मुलाकात
क्राइम ब्रांच ने सिरपुर बांक निवासी शादाब खान की शिकायत पर विष्णु परमार और उसके साथी सिद्धार्थ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।

पुलिस के अनुसार, करीब 5 महीने पहले एक कैफे में शादाब की मुलाकात विष्णु परमार से हुई थी। बातचीत के दौरान विष्णु ने खुद को लोन दिलाने में सक्षम बताते हुए बैंक अकाउंट खुलवाने की सलाह दी।

इंडियन और यूको बैंक में खुलवाए खाते
आरोपियों ने शादाब और उनकी मां अनीसा बी के दस्तावेज लेकर इंडियन बैंक में एक खाता, यूको बैंक में दूसरा खाता खुलवाया। लोन को लेकर जब भी शादाब पूछताछ करता, आरोपी उसे टालता रहा।

सितंबर 2025 में सामने आई सच्चाई
सितंबर 2025 में बलसाड पुलिस से सूचना मिली कि इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है। तभी पीड़ित को एहसास हुआ कि उनके नाम से साइबर अपराध किया गया है।

पहले भी कर चुके हैं इसी तरह की ठगी
क्राइम ब्रांच की जांच में यह भी सामने आया है कि विष्णु परमार और उसका एक अन्य साथी लक्ष्य पहले भी एरोड्रम क्षेत्र में इसी तरह बैंक अकाउंट का गलत इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।

जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल क्राइम ब्रांच बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल और डिजिटल लिंकअन्य संभावित खातों की जांच कर रही है, ताकि पूरे साइबर फ्रॉड रैकेट का खुलासा किया जा सके।

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