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दूषित पानी मामले के बाद प्रशासन सख्त: अवैध पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री पर कार्रवाई; उत्पादन और बिक्री पर लगाई रोक

KHULASA FIRST

संवाददाता

08 जनवरी 2026, 7:26 पूर्वाह्न
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दूषित पानी मामले के बाद प्रशासन सख्त

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में हुई मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार पड़ने की घटना के बाद जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है। दूषित पानी से मौत, नकली पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर, और बिना लाइसेंस वाटर फैक्ट्री जैसे मामलों पर शिकंजा कसते हुए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री पर मारा छापा
इस क्रम में ट्रांसपोर्ट नगर के मैकेनिक नगर क्षेत्र में संचालित त्रिवेंटा इंटरप्राइजेस नामक पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर फैक्ट्री पर छापा मारा गया। जांच के दौरान सामने आया कि फैक्ट्री में पानी का ट्रीटमेंट और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का निर्माण किया जा रहा था, जबकि संचालक के पास कोई वैध लाइसेंस या खाद्य सुरक्षा की अनुमति मौजूद नहीं थी।

7 हजार लीटर पैकेज्ड पानी सील
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से करीब 7,000 लीटर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त कर सील कर दिया, जिसकी अनुमानित कीमत 57,650 रुपये बताई जा रही है। इसके साथ ही पानी के सैंपल भी प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह पानी स्वास्थ्य मानकों पर खरा उतरता है या नहीं।

बिक्री पर रोक
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालक को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक आवश्यक लाइसेंस और अनुमति प्राप्त नहीं होती, तब तक किसी भी प्रकार का खाद्य या पेय पदार्थ का कारोबार नहीं किया जा सकता। इसके चलते फैक्ट्री में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का उत्पादन और बिक्री तत्काल प्रभाव से बंद कर दी गई है।

दूषित पानी पर जीरो टॉलरेंस नीति
प्रशासन का कहना है कि भागीरथपुरा जल संकट के बाद अब दूषित पानी, अवैध वाटर प्लांट और नकली मिनरल वाटर के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

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