सहारा सिटी होम्स में छिपी है मादा तेंदुआ, रहवासियों में दहशत: कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?
KHULASA FIRST
संवाददाता

वन विभाग बता रहा बिल्ली
खुलासा फर्स्ट…इंदौर।
बायपास की तमाम कॉलोनियों में असुरक्षा और असुविधाओं का मामला अभी भी गर्मा रहा है। यहां 18 दिसंबर को घुसी मादा तेंदुआ अभी तक बाहर नहीं निकली।
30 दिसंबर की शाम उसे देखा गया, जिसके बाद फिर नजर नहीं आई। माना जा रहा है कि वह कॉलोनी में ही कहीं छिपी है और शिकार की फिराक में है। इससे रहवासियों में दहशत का माहौल है और शाम ढले ही लोग घरों में कैद हो जाते हैं।
मादा तेंदुआ से पूर्व नर तेंदुआ भी इसी कॉलोनी में दहशत मचा चुका है, जो 12 दिसंबर को घुसा था और 17 की अलसुबह पकड़ा गया था। इसके अगले दिन 18 दिसंबर की अलसुबह मादा तेंदुआ कॉलोनी में घुस आई, जो अब भी यहीं है।
कई दिन तक उसका मूवमेंट नजर आया और वन विभाग के अधिकारी भी डेरा डाले रहे। आखिरकार मान लिया गया कि वह अब कॉलोनी से निकल गई, लेकिन 30 दिसंबर की शाम 5.43 बजे वह कॉलोनी के भारत माता मंदिर के सामने के जंगली एरिया में दिखाई दी।
सिक्योरिटी सुपरवाइजर रामदास चौधरी ने जब सीसीटीवी कैमरा चेक किया तो मादा तेंदुआ घूमती दिखी। इस पर उन्होंने वन विभाग और कॉलोनी के रहवासी संघ अध्यक्ष अजयपाल सिंह को सूचित किया।
चर्चा के दौरान सीसीटीवी फुटेज देख वन विभाग के रेंजर शेरसिंह कटारिया ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वह तो बिल्ली है। हालांकि उन्होंने टीम भेजी, जिसे कोई ठोस जानकारी या सुराग नहीं मिला।
चूंकि तेंदुआ प्रजाति का जानवर लंबे वक्त तक शिकार के बिना नहीं रह सकता, इसलिए तय है कि वह कहीं छिपकर शिकार की फिराक में है।
हालांकि उसके लिए वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में मुर्गी रखी गई, लेकिन मादा तेंदुआ पिंजरे के इर्द-गिर्द भी नहीं फटक रही।
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