एमपी में कांग्रेस को बड़ा झटका: ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा के बाद दिखी गुटबाजी; इस दिग्गज नेता ने दिया इस्तीफा
खुलासा फर्स्ट, रतलाम। मध्यप्रदेश कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों ने एक नया सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है। सोमवार रात जैसे ही नियुक्तियों की आधिकारिक सूची जारी हुई, पार्टी के भीतर की अंतर्कलह...
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, रतलाम।
मध्यप्रदेश कांग्रेस में ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों ने एक नया सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है। सोमवार रात जैसे ही नियुक्तियों की आधिकारिक सूची जारी हुई, पार्टी के भीतर की अंतर्कलह और गुटबाजी खुलकर सामने आने लगी है।
इस विवाद का सबसे बड़ा केंद्र बना है रतलाम, जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष और सैलाना के पूर्व विधायक हर्षविजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा देकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इस्तीफे के पीछे की असली कहानी
आधिकारिक तौर पर, गहलोत ने अपने इस्तीफे में सैलाना विधानसभा क्षेत्र को समय न दे पाने की बात कही है। लेकिन गलियारों में चर्चा कुछ और ही है।
सिफारिशों को दरकिनार करना
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजी गई नामों की सूची को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। ब्लॉक अध्यक्षों के पदों पर उन लोगों को बिठाया गया है, जिनसे स्थानीय नेतृत्व सहमत नहीं था।
बढ़ता असंतोष
रतलाम से पहले अलीराजपुर में भी जिला अध्यक्ष इसी तरह की नाराजगी के चलते इस्तीफा दे चुके हैं, जो प्रदेश नेतृत्व के लिए खतरे की घंटी है।
क्या पटवारी रोक पाएंगे 'इस्तीफा पॉलिटिक्स'?
कांग्रेस के लिए यह स्थिति तब पैदा हुई है जब पार्टी जमीनी स्तर पर खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। रतलाम और अलीराजपुर जैसे गढ़ों में नेतृत्व का इस तरह टूटना आगामी चुनावों और पार्टी की एकजुटता पर सवालिया निशान लगाता है।
अब सबकी नजरें जीतू पटवारी पर हैं कि क्या वह इन दिग्गज नेताओं को मना पाएंगे या मध्यप्रदेश कांग्रेस में 'नाराजगी का यह दौर' और लंबा चलेगा।
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