सुप्रीम कोर्ट की फटकार से भी नहीं सुधरे टीआई पटेल: दो और केस में पेश किए पॉकेट गवाह, क्या इंद्र के जाल में उलझेंगे अधिकारी?
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । पॉकेट गवाहों के खेल पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी चंदन नगर थाने में हालात जस के तस हैं। सुप्रीम कोर्ट से फटकार झेल चुके टीआई इंद्रमणि पटेल पर अब नया खुलासा हुआ है।
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संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
पॉकेट गवाहों के खेल पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद भी चंदन नगर थाने में हालात जस के तस हैं। सुप्रीम कोर्ट से फटकार झेल चुके टीआई इंद्रमणि पटेल पर अब नया खुलासा हुआ है। कोर्ट में हलफनामा देने के बावजूद उन्हीं गवाहों को दोबारा अलग-अलग मामलों में पेश कर दिया गया। कानून के छात्र असद अली वारसी ने दस्तावेजों के साथ सुप्रीम कोर्ट को बताया सिर्फ दो लोगों को 165 प्रकरणों में गवाह बनाया गया है।
ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी असद अली वारसी ने कोर्ट को दी सूची में बताया चंदन नगर थाना क्षेत्र के सलमान कुरैशी और आमिर रंगरेज को टीआई इंद्रमणि पटेल के कार्यकाल में 165 मामलों में गवाह बनाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही 25 नवंबर को टीआई ने कोर्ट में हलफनामा पेश किया और उसी दिन सलमान और गफ्फार को फिर गवाह बना दिया। 30 नवंबर को जुआ एक्ट के एक और प्रकरण में भी ये दोनों गवाह पेश किए।
एससी की तीखी टिप्पणी- ‘हर जगह यही क्यों मिलते हैं?’- सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने सुनवाई के दौरान टीआई से सीधा सवाल किया हर जगह यही गवाह क्यों मिलते हैं। इस पर टीआई ने गर्दन झुकाते हुए माफी मांगी थी लेकिन सुधरे नहीं। लगातार गलती कर रहे इंद्रमणि पटेल पर अधिकारी क्यों चुप्पी साधे हैं? यह सवाल उठ रहा है। अब तो लोग कहने लगे हैं इंद्रजाल में उलझे अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में भी न उलझ जाएं।
एनडीपीएस से जुआ एक्ट तक: वही चेहरे
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक 25 नवंबर को फैजान खान पर एनडीपीएस एक्ट (प्रकरण 1527/25) मे गवाह सलमान और गफ्फार 30 नवंबर को जुआ एक्ट (प्रकरण 1550/25), आरोपी शुभम, आकाश, विक्रम- फिर वही गवाह बनाए गए थे। इन दोनों मामलों की जानकारी भी सुप्रीम कोर्ट को दे दी गई है।
बदमाश भी बने गवाह!
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कई थानों में ड्राइवरों और बदमाशों तक को गवाह बना दिया गया। लूट, चोरी, हत्या, दुष्कर्म और मारपीट जैसे संगीन अपराधों में सालों से वही नाम दोहराए जा रहे हैं।
क्या ‘पॉकेट गवाह’ ही न्याय की बुनियाद बने रहेंगे
जब सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद भी वही गवाह पेश हो रहे हैं, तो यह सिस्टम की गंभीर विफलता है। अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद क्या पुलिस व्यवस्था सुधरेगी, या फिर ‘पॉकेट गवाह’ ही न्याय की बुनियाद बने रहेंगे।
शहरभर में फैला ‘पॉकेट गवाह’ नेटवर्क
खुलासे में सामने आया है कि केवल चंदननगर ही नहीं, शहर के कई थानों में वर्षों से कुछ तयशुदा लोगों को ही गवाह बनाया जा रहा है।
विजय नगर: मुकेश चायवाला, हरीश, शुभम, अमित
एमआईजी: दीपक, अरुण
परदेशीपुरा: संदीप, एंटोनी, सुनील
चंदन नगर: गफ्फार, सलमान कुरैशी, आमिर रंगरेज
अन्नपूर्णा: विक्की, पिंटू, उत्कर्ष
द्वारकापुरी: मुकेश श्रीवास, मोहन हटकर
भंवरकुआं: संदीप प्रजापत
जूनी इंदौर: अय्यूब सिराज
तेजाजी नगर: सुनील परमार
राजेंद्र नगर: आरिफ खान, अय्यूब, सिराज, शाकिर, राहुल
सदर बाजार: शाहबाज उर्फ महाराज, रफीक डालर
लसूड़िया: निर्भय चायवाला
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