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24 मौतों के बाद भी नहीं जागा नगर निगम: अब यह तालाब बना चिंता का विषय; लोग बदबूदार और काला पानी पीने को मजबूर

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 जनवरी 2026, 9:39 पूर्वाह्न
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खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर पहले ही भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 24 मौतों को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद अब शहर के अलग-अलग इलाकों से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
इसी कड़ी में अब पिपल्यापाला तालाब से जुड़ा एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो आया सामने
पिपल्यापाला तालाब अब केवल एक जलाशय नहीं रह गया है, बल्कि यह नगर निगम की गंभीर लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमे देखा जा सकता है कि मोटर से तालाब में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है।

जिससे तालाब का पानी इस कदर दूषित हो चुका है कि आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों में बोरिंग द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।

नलों से आ रहा बदबूदार और काला पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके घरों में जो पानी आ रहा है, वह तेज बदबू वाला, काले रंग का और पीने योग्य नहीं है। लेकिन इसके बावजूद लोगों के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।

मजबूरी में नागरिक उसी दूषित पानी का उपयोग करने को विवश हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

क्या फिर किसी बड़े हादसे का इंतज़ार?
जब भागीरथपुरा जैसी त्रासदी हो चुकी है, तो यह आशंका और गहरी हो जाती है कि- क्या पिपल्यापाला तालाब और उसके आसपास की कॉलोनियों में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?

शहरवासियों की मांग
पिपल्यापाला तालाब के पानी की तुरंत उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
दूषित पानी की सप्लाई तत्काल बंद की जाए।
लापरवाह अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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