24 मौतों के बाद भी नहीं जागा नगर निगम: अब यह तालाब बना चिंता का विषय; लोग बदबूदार और काला पानी पीने को मजबूर
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर पहले ही भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई 24 मौतों को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद अब शहर के अलग-अलग इलाकों से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
इसी कड़ी में अब पिपल्यापाला तालाब से जुड़ा एक गंभीर मामला उजागर हुआ है, जिसने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
वीडियो आया सामने
पिपल्यापाला तालाब अब केवल एक जलाशय नहीं रह गया है, बल्कि यह नगर निगम की गंभीर लापरवाही का प्रतीक बन चुका है। इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमे देखा जा सकता है कि मोटर से तालाब में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है।
जिससे तालाब का पानी इस कदर दूषित हो चुका है कि आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों में बोरिंग द्वारा सप्लाई किया जा रहा पानी लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है।
नलों से आ रहा बदबूदार और काला पानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके घरों में जो पानी आ रहा है, वह तेज बदबू वाला, काले रंग का और पीने योग्य नहीं है। लेकिन इसके बावजूद लोगों के पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
मजबूरी में नागरिक उसी दूषित पानी का उपयोग करने को विवश हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
क्या फिर किसी बड़े हादसे का इंतज़ार?
जब भागीरथपुरा जैसी त्रासदी हो चुकी है, तो यह आशंका और गहरी हो जाती है कि- क्या पिपल्यापाला तालाब और उसके आसपास की कॉलोनियों में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
शहरवासियों की मांग
पिपल्यापाला तालाब के पानी की तुरंत उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
दूषित पानी की सप्लाई तत्काल बंद की जाए।
लापरवाह अधिकारियों और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
संबंधित समाचार

NEET पीजी काउंसलिंग में इस कोटे पर छात्रों को राहत:हाईकोर्ट की किस खंडपीठ ने क्या कहा; अब किससे मांगा जवाब

पर्दे की आड़ में युवती के साथ क्या किया:किस बहाने ले गया था युवक; पुलिस ने किसे किया गिरफ्तार

युवती ने युवक को ऐसे कैसे पीटा:साथी युवक ने क्या पकड़ रखा था; वायरल वीडियो में क्या दिखाई दे रहा

राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) इस दिन होगी:100 परीक्षा केन्द्रों पर इतने हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल; इन दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!