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संपदा शाखा के भ्रष्टाचार को दबाने में जुटे अफसर: आईडीए अफसरों की मनमानी का खुलासा होने के बाद सीईओ ने किया हजारों प्रकरणों के निराकरण का दावा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा में अफसरों की मनमानी हावी है। इसके चलते आमजन लीज, नामांतरण सहित कई कार्यों के लिए चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन बिना शुभ-लाभ के संपदा शाखा के अ

Khulasa First

संवाददाता

27 नवंबर 2025, 12:15 अपराह्न
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संपदा शाखा के भ्रष्टाचार को दबाने में जुटे अफसर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
इंदौर विकास प्राधिकरण की संपदा शाखा में अफसरों की मनमानी हावी है। इसके चलते आमजन लीज, नामांतरण सहित कई कार्यों के लिए चक्कर लगाते रहते हैं, लेकिन बिना शुभ-लाभ के संपदा शाखा के अफसर कार्य नहीं करते हैं। अब जब संपदा शाखा के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ और मामला सुर्खियों में आया तो आईडीए अफसर अपने मातहतों को बचाने में जुट गए। इसके चलते हजारों प्रकरणों के निपटारे की जानकारी देकर कामकाज को पारदर्शी बताया जाने लगा है।

प्लॉट खरीदने वाले लीज व नामांतरण के लिए होते हैं परेशान... इंदौर विकास प्राधिकरण में अफसरों की अफसरशाही हावी है। इसके चलते जो अफसर संपदा शाखा में वर्षों से पदस्थ हैं वह मनमानी कर रहे हैं। इसके चलते आईडीए की विभिन्न योजनाओं में प्लॉट खरीदने वाले लीज व नामांतरण के लिए परेशान होते रहते हैं।

सूत्रों की मानें तो आईडीए के अफसर बिना शुभ-लाभ के काम नहीं करते हैं। इसके चलते सालों से लीज व नामांतरण के लिए लोग परेशान हो रहे हैं। हाल ही में जब आईडीए संपदा के कर्मचारियों की मनमानी का खुलासा हुआ तो मामला सुर्खियों में आ गया। अब आईडीए सीईओ अपने मातहत अफसरों को बचाने के खेल में जुट गए हैं।

आईडीए सीईओ परिक्षित झाड़े ने बताया कि विभिन्न योजनाओं में आवंटित भूखंड करीब 44225 के आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 43020 आवेदन जिनका नामांतरण, रजिस्ट्री, लीज नवीनीकरण, भूस्वामी अधिकार संबंधी प्रकरणों का अभियान चलाकर समय सीमा में निराकरण किया गया।

वहीं मौजूदा में 1205 प्रकरणों के निराकरण के लिए कार्रवाई अभियान के रूप में की जा रही है। सीईओ का कहना है कि प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में होने से प्राधिकरण कार्यालय में आवेदकों के आने की संख्या में कमी आई है। गौरतलब है कि नामांतरण, रजिस्ट्री, लीज नवीनीकरण, भूस्वामी अधिकार संबंधी निराकृत प्रकरणों से प्राधिकरण को मौजूदा वित्तीय वर्ष में अक्टूबर माह में लगभग 19 करोड़ 17 लाख रुपए की आय हुई है।

ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने के निर्देश... सीईओ ने बताया कि शासन द्वारा विभाग को ई-ऑफिस व्यवस्था लागू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते प्राधिकरण द्वारा ई-ऑफिस संचालन हेतु कार्रवाई कर जल्द ही इसी के माध्यम से कार्य शुरू किया जाएगा। जिसमें आवंटितों को घर से ही ऑनलाइन आवेदन कर ई-ऑफिस प्रक्रिया के माध्यम से प्रकरण का समय सीमा में निराकरण किया जाएगा। मौजूदा में आवंटितों द्वारा ऑनलाइन लीज नवीनीकरण के आवेदन किए जा रहे हैं, जिनका निराकरण परीक्षण के बाद नियमानुसार किया जा रहा है।

कार्रवाई पर सवाल
आईडीए द्वारा आनन-फानन में 43 हजार से अधिक संपत्तियों के प्रकरणों का निराकरण किए जाने के दावे से यह चर्चा शुरू हो गई है कि संपदा शाखा में कर्मचारियों की मनमानी के चलते ही करीब 44 हजार से अधिक आवेदन पेंडिंग हो गए। अब जब संपदा शाखा में व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ तो सीईओ ने पूरे मामले को दबाने के लिए हजारों प्रकरणों का निराकरण किए जाने का दावा कर दिया, जिससे आईडीए की साख को दाग लगने से बचाया जा सके, लेकिन हकीकत में संपदा शाखा की कार्रवाई पर सवाल लग गया है और कहा जाने लगा है कि संपदा शाखा में पदस्थ अफसर बिना शुभ-लाभ के काम नहीं करते हैं।

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