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EOW ने कालोनी के संचालकों पर दर्ज की एफआईआर: बंधक प्लॉट बेचने के मामले में

तीन डायरेक्टरों पर 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला; 249 बंधक भूखंडों में से 15 प्लॉट बिना अनुमति बेचने का आरोप खुलासा फर्स्ट, भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने डीएचएल इंफ्राबुल्स इंटरनेश

Khulasa First

संवाददाता

11 दिसंबर 2025, 10:33 पूर्वाह्न
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EOW ने कालोनी के संचालकों पर दर्ज की एफआईआर

तीन डायरेक्टरों पर 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला; 249 बंधक भूखंडों में से 15 प्लॉट बिना अनुमति बेचने का आरोप

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने डीएचएल इंफ्राबुल्स इंटरनेशनल प्रा. लि. के संचालकों के खिलाफ बंधक प्लॉट बेचने के मामले में FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू भोपाल को मिली शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत क्रमांक 266/2025 की जांच और सत्यापन के बाद मामला पंजीबद्ध किया गया।

बंधक प्लॉट की गलत बिक्री का खुलासा
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मुख्यालय भोपाल में दर्ज शिकायत 266/2025 की जांच में यह सामने आया कि डीएचएल इंफ्राबुल्स इंटरनेशनल प्रा. लि. के संचालकों ने बंधक संपत्तियों को नियमों के विपरीत बेच दिया। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें—
संतोष कुमार सिंह पिता शिवप्रसाद सिंह
संजीव पिता अशोक जायसवाल
अनिरुद्ध पिता मधुकर देव सहित अन्य लोग शामिल हैं।

इन आरोपियों के विरुद्ध ईओडब्ल्यू भोपाल ने IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत अपराध दर्ज किया है। प्रकरण की विस्तृत जांच EOW एसपी रामेश्वर यादव के निर्देशन में जारी है।

यह हैं कंपनी के तीनों संचालक

डीएचएल इंफ्राबुल्स इंटरनेशनल प्रा. लि., 301, मेगापोलिस टॉवर, 579 एम.जी. रोड, इंदौर के संचालकों की जानकारी इस प्रकार है—
संतोष कुमार सिंह, पिता शिवप्रसाद सिंह – डायरेक्टर
संजीव, पिता अशोक जायसवाल – डायरेक्टर
अनिरुद्ध, पिता मधुकर देव – डायरेक्टर तथा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति।

कुल कितने प्लॉट थे बंधक
कंपनी ने कॉलोनी सेल इंदौर में कुल 249 भूखंड बंधक रखे थे। ये प्लॉट आईकॉनस लैंडमार्क–01 और 02 परियोजनाओं के थे। विकास कार्य के बदले ये भूखंड शासन के पास बंधक थे और इनका स्वामित्व कॉलोनी सेल/शासन के पास ही माना जाता है।

कंपनी ने इन भूखंडों को शासन से मुक्त नहीं कराया था, न ही अपर कलेक्टर से कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बावजूद आरोपियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए 15 बंधक भूखंडों को बेचा और उनकी रजिस्ट्री अन्य खरीदारों के नाम पर कर दी।

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