एलिवेटेड कॉरिडोर दोबारा होगा सर्वे: यातायात बढ़ाने के लिए चौराहों पर उतारेंगे भुजाएं, बनेंगी रोटरी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एलआईजी चौराहे से नवलखा तक बनाने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए दोबारा सर्वे होगा। इसमें चौराहो पर ऐलीवेटेड कॉरिडोर की भुजाएं उतारने और रोटरी बनाने का मसौदा तैयार किया जाएगा। यह कॉरिडोर मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने से निर्माण को बेहतर बनाने की कवायद जारी है।
यातायात को सुगम बनाने के लिए एबी रोड पर एलआईजी से नवलखा चौराहे तक छह किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रस्ताव है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट के संबंध में शनिवार को बैठक ली।
इसमें कहा नए सिरे से ट्रैफिक सर्वे किया जाए। बैठक में बताया गया ट्रैफिक आसान करने के लिए चौराहो पर भुजाए उतारी जाएंगी साथ ही तीन जगह रोटरी भी बनाई जाएंगी। ये एलआईजी चौराहा, शिवाजी वाटिका और नवलखा चौराहे पर बनेंगी।
एलआईजी, गिटार चौराहा, व्हाइट चर्च रोड और नवलखा चौराहे पर भुजाएं उतारी जाएंगी। निर्णय लिया गया कॉरिडोर एलआईजी गुरुद्वारे से नवलखा के आगे तक बनेगा। छह किमी से ज्यादा लंबे कॉरिडोर पर 300 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च होगी।
समय सीमा तय
बताया जाता है निर्माण के लिए दो साल की समय सीमा तय की गई है। ट्रैफिक से निर्माण पर असर होगा। बीआरटीएस के नीचे की लाइनों को शिफ्ट किया जाएगा। इससे ऐलीवेटेड कॉरिडोर समयसीमा में तैयार करना अफसरों के लिए चुनौती साबित होगा।
ज्ञात रहे विशेषज्ञों ने पिछले सर्वे में लंबी दूरी का ट्रैफिक चार प्रतिशत से भी कम माना था, लेकिन नए सर्वे के बाद चौराहो पर भुजाएं उतारे जाने से ट्रेफिक का दबाब अधिक होगा।
मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट
बताया जाता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलीवेटेड कॉरिडोर को अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बना लिया है। अधिकारियो को हिदायत दी है निर्माण में मापदंड और गुणवत्ता का पालन किया जाए। इसका निर्माण शहर के यातायात को नई दिशा देने वाला साबित हो। इसके बाद ही मंत्री ने अधिकारियों को नए सिरे से सर्वे के निर्देश जारी किए।
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