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अफसरों की मेहरबानी से 30 मीटर चौड़ी सड़क में कई निर्माण बाधक: मास्टर प्लान की सड़क का निर्माण कार्य प्रारंभ

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । नगर निगम द्वारा विशेष केंद्रीय सहायता योजना एवं निगम के अंतर्गत शहर में 19 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्यों का महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं विधायक रमेश मे...

Khulasa First

संवाददाता

21 दिसंबर 2025, 1:27 अपराह्न
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अफसरों की मेहरबानी से 30 मीटर चौड़ी सड़क में कई निर्माण बाधक

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
नगर निगम द्वारा विशेष केंद्रीय सहायता योजना एवं निगम के अंतर्गत शहर में 19 करोड़ से अधिक की लागत से सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्यों का महापौर पुष्यमित्र भार्गव एवं विधायक रमेश मेंदोला ने भूमिपूजन कर शुभारंभ किया। हालांकि सड़क निर्माण में कई निर्माण बाधक हैं, लेकिन निगम ने अब तक इन्हें हटाने की शुरुआत नहीं की है।

जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक रमेश मेंदोला ने भमोरी प्लाजा, भमोरी चौराहा क्षेत्र में विशेष केंद्रीय सहायता अंतर्गत 16.76 करोड़ की लागत से भमोरी चौराहे से एमआर-10 तथा राजशाही गार्डन से होटल वॉव तक सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।

गौरतलब है कि निगम की मास्टर प्लान के तहत बनाई जाने वाली सड़क में कई निर्माण बाधक हैं। इनमें शापिंग मॉल सहित कई ऐसे निर्माण शामिल हैं जिन्हें नगर निगम भवन अधिकारी और भवन निरीक्षक ने अनुमति दी हुई है। यही नहीं, इन निर्माण को टीएनसीपी से भी अनुमति मिल गई है। जबकि मास्टर प्लान में शामिल होने के बाद भी निगम अधिकारियों द्वारा इन निर्माणों को अनुमति देने की शिकायत जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने शासन तक की है।

इसके साथ ही राठौर ने यह मांग भी की है कि मास्टर प्लान की सड़क पर निर्माण की अनुमति देने वाले निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मौजूदा में वह निगम अफसर अभी निगम में दायित्व संभाल रहे हैं जिनके कार्यकाल में इन निर्माणों को अनुमति दी गई है। राठौर की इस शिकायत के बाद निगम में हड़कंप मच गया है। हालांकि महापौर व विधायक ने सड़क निर्माण का भूमिपूजन कर दिया, लेकिन इसकी चौड़ाई को लेकर असमंजस बना हुआ है।

निगम अफसरों और नेताओं से मिलीभगत
सूत्रों की मानें तो भमोरी चौराहे से एमआर-10 तथा राजशाही गार्डन से होटल वॉव तक सड़क मास्टर प्लान में शामिल हो जाने के बाद भी निगम अफसरों ने इसकी अनदेखी की है। ऐसे में निगम अब इन निर्माणों पर कार्रवाई कर इन्हें तोड़कर सड़क की चौड़ाई मास्टर प्लान के हिसाब से रखेगा या कम चौड़ी सड़क बनाकर पल्ला झाड़ लेगा।

इसकी चर्चा शुरू हो गई है। वहीं निगम अफसरों और नेताओं से मिलीभगत कर निर्माणकर्ताओं ने मनमाना निर्माण कर लिया है। इसके खिलाफ निगम का कार्रवाई करना आसान नहीं होगा।

अफसरों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
बताया जाता है कि मास्टर प्लान के तहत भमोरी चौराहे से एमआर-10 तथा राजशाही गार्डन से होटल वॉव तक बनाई जाने वाली सड़क के दोनों ओर निर्माण हो गए हैं। इसके चलते शॉपिंग मॉल सहित कई निर्माण होने से सड़क 30 मीटर चौड़ी बन पाना मुश्किल माना जा रहा है। जबकि अधिकतर निर्माणों को निगम अधिकारियों ने ही निर्माण की अनुमति दी है। इससे निगम अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगने लगा है।

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