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डॉ. डेंग बन गया डॉ. सुनील गेहलोत: अस्पताल के सामने गड़बड़ियों-अनियमितताओं का घर; बीआई ने नजरें फेरी

KHULASA FIRST

संवाददाता

15 जनवरी 2026, 11:49 पूर्वाह्न
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डॉ. डेंग बन गया डॉ. सुनील गेहलोत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिस डॉक्टर के जिम्मे मरीजों का इलाज कर उन्हें स्वस्थ करना है, वो यदि भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों पर उतर आए तो उसे क्या कहेंगे? ऐसा ही एक डॉक्टर है डॉ. सुनील गेहलोत, जो तिलक नगर स्थित अपने भगवती चिकित्सालय के सामने घर का निर्माण कर रहा है, जिसमें न तो एमओएस छोड़ा है, न नक्शे के अनुरूप निर्माण कर रहा है। जी-2 की अनुमति होने के बावजूद चार मंजिलों का निर्माण कर चुका है और अब पांचवीं पर पेंट हाउस बना रहा है।

ऐसे डॉक्टर पर कोई मरीज क्या भरोसा करेगा, जो खुद भ्रष्ट और बेईमान है। जिसके मन में गड़बड़ियां और अनियमितता करने का लालच है और जो नियम-कायदों की धज्जियां उड़ाता है। यदि कोई इसका विरोध करता है तो बदतमीजी पर उतर आता है।

ऐसा व्यक्ति डॉक्टर बने रहने के लायक नहीं है, जबकि वो न केवल धड़ल्ले से अपना भगवती चिकित्सालय चला रहा है, बल्कि मरीजों को भी लूट रहा है।

मरीजों से भी लूटमारी करते हैं डॉक्टर साहब... आसपास के लोगों का कहना है कि डॉक्टर साहब मरीजों से भी लूटमारी करते हैं। मनमाना पैसा चार्ज करते हैं और जाने कौन-कौन सी दवाएं दे देेते हैं, जिनसे मरीजों की तबीयत और बिगड़ती है, फिर इलाज के नाम पर लूट करते हैं।

तबीयत ठीक हो न हो, उनके अस्पताल में आकर मरीज और बीमार हो जाता है, जिसका इलाज करने के नाम पर डॉ. सुनील गेहलोत जेब खाली करवाते रहते हैं। अब उन्होंने गड़बड़ियों और अनियमितताओं का नया खेल खेला है। डॉ. गेहलोत तिलक नगर में अपने भगवती चिकित्सालय के सामने 15 बाय 50 के प्लॉट पर घर का निर्माण कर रहा है।

इसके नक्शे में जी-2 यानी तीन मंजिला निर्माण की अनुमति है, लेकिन जोन क्र. 10 के बीआई जीशान चिश्ती की मिलीभगत से डॉक्टर गेहलोत न केवल चार मंजिला तक मकान तान चुका है, बल्कि पांचवी मंजिल पर पेंट हाउस भी बना रहा है।

तमाम नियमों और कायदों की धज्जियां उड़ाता ये डॉक्टर पूरी कॉलोनी को मुंह चिढ़ा रहा है। बताते हैं कि इस अवैध निर्माण से परेशान आसपास के लोग उसके पास पहुंचे तो उसने उल्टे उन्हें ही धमकाया। कहा कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मैं चाहूं जो करूं, मुझे रोकने वाले आप कौन होते हो?

डॉक्टर का पूरा निर्माण ही अवैध
डॉक्टर कह रहा है कि वो कंपाउंडिंग करवा लेगा, लेकिन ये संभव नहीं है, क्योंकि कुल निर्माण का सिर्फ 20 प्रतिशत तक अवैध-अनियमित निर्माण की ही कंपाउंडिंग हो सकती है, लेकिन डॉक्टर साहब ने तो हद कर दी है। वो तो सौ प्रतिशत निर्माण कर रहा है।

कंपाउंडिंग का ये रेशो भी अब घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है। ऐसे में डॉक्टर का पूरा निर्माण ही अवैध है। मामले में आसपास के रहवासियों ने निगम को शिकायत की है जिन्हें डॉ. गेहलत धमका रहा है। उसके गुंडे लोगों से कहते हैं कि जिसने शिकायत की है, उेस छोड़ेंगे नहीं।

हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इस अवैध निर्माण के मामले में ये भी साफ है कि जोन क्र. 10 के बीआई जीशान चिश्ती ने भी आंखें मूंद रखी हैं। उसने न तो कोई नोटिस दिया है और न जाकर एक बार भी झांका है कि डॉ. गेहलोत आखिर कर क्या रहा है? जाहिर है कि बीआई चिश्ती भी उसे शह दे रहे हैं।

ये है इस अवैध निर्माण की स्थिति
जिस आवासीय प्लॉट पर डॉ. डेंग यानी डॉ. सुनील गेहलोत घर का निर्माण कर रहा है, उसकी नगर निगम रिकॉर्ड में संपत्ति आईडी 1001071188 (पुरानी आईडी 40862131100198) है। भू-उपयोग आवासीय ही है। अभी डॉ. गेहलोत भले ही कह रहा हो कि वो घर बना रहा है, लेकिन एक शंका ये भी है कि वो यहां नर्सिंग होम शुरू कर सकता है।

यदि ऐसा है तो ये और भी चिंता की बात है, क्योंकि डॉ. गेहलोत भ्रष्टाचार की बुनियाद पर अपना अवैध अस्पताल बनाएगा तो वो मरीजों को पूरी तरह लूट खाएगा। वो अभी ही अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में वो क्या करेगा?

आग लगी तो फायर ब्रिगेड नहीं घुस सकेगी

डॉ. डेंग यह भवन एक तरह से कसाईखाना बना रहा है। यदि उसने यहां नर्सिंग होम शुरू किया तो किसी दुर्घटना की स्थिति में स्थिति को संभालना बेहद कठिन हो जाएगा। आग लगी तो फायर ब्रिगेड नहीं घुस पाएगी, क्योंकि वो पूरे के पूरे प्लॉट पर आगे सड़क तक निर्माण करवा रहा है। स्थिति ये होगी कि मरीजों के परिजन के वाहन सड़क पर खड़े होंगे और दिनभर ट्रैफिक जाम होगा। इसकी तो डॉ. डेंग उर्फ डॉ. सुनील गेहलोत को चिंता ही नहीं है।

पत्नी प्रेरणा के नाम पर है प्लॉट
ये प्लॉट उसकी पत्नी प्रेरणा के नाम से है जिस पर डॉ. सुनील पिता गोपालशरण गेहलोत 114, तिलक नगर का पता है। दस्तावेजों के अनुसार प्लॉट का कुल क्षेत्रफल मात्र 960 वर्गफीट है, लेकिन जब खुलासा फर्स्ट की टीम ने खुद जाकर मौका-मुआयना किया तो पाया कि यहां करीब 1500 स्क्वेयर फीट पर आरसीसी व्यावसायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। इसमें न तो एमओएस छोड़ा गया है और न अन्य नियमों का पालन किया गया है।

क्या बोला डॉ. गेहलोत
इस मामले में जब खुलासा फर्स्ट ने डॉ. गेहलोत से पूछा तो उसने कहा कि उसके पास सभी तरह की अनुमतियां हैं, लेकिन एमओएस और अन्य अनियमितताओं को लेकर पूछा तो चुप्पी साध ली। उसकी चुप्पी ही स्पष्ट करती है कि वो भारी गड़बड़ियां करके ये भवन बना रहा है।

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